पेड़ हैं तो प्राण हैं अभियान के तहत चकरिया में फलदार पौधों का वितरण, विस्थापन के विरोध में प्रदर्शन
पेड़ हैं तो प्राण हैं अभियान के तहत चकरिया में फलदार पौधों का वितरण, विस्थापन के विरोध में प्रदर्शन
8:18 PM, Jul 15, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Jitendra Kumar chandrwanshi

सोनभद्र। कोन ब्लॉक की चकरिया ग्राम पंचायत में "पेड़ हैं तो प्राण हैं" अभियान के तहत सैकड़ों फलदार पौधों का वितरण किया गया। अभियान के अंतर्गत क्षेत्र के सभी परिवारों को पौधे वितरित किए गए। इस अवसर पर किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्रा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा को लेकर प्रदर्शन भी किया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संदीप मिश्रा ने कहा कि किसी भी आदिवासी परिवार को उजड़ने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब जनपद में ऐसे स्थान उपलब्ध हैं जहाँ किसी को विस्थापित किए बिना और पेड़ों की कटाई किए बिना उद्योग स्थापित किए जा सकते हैं, तो आदिवासी क्षेत्रों को ही क्यों चुना जा रहा है। उनका कहना था कि सरकारों का दायित्व लोगों को बसाना और उनका सहयोग करना है, न कि उन्हें विस्थापित करना। उन्होंने कहा कि जन उत्पीड़न का रवैया स्वीकार नहीं किया जाएगा।"पेड़ हैं तो प्राण हैं" अभियान के जिला संयोजक रामसुरत सिंह खरवार ने कहा कि जंगलों की कटाई किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोग अपने जंगलों और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका दावा था कि कोरोना काल में क्षेत्र के औषधीय पौधों और प्राकृतिक वातावरण का लोगों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा। उन्होंने कहा कि ऐसे औषधीय एवं प्राकृतिक जंगलों को बचाना आवश्यक है।कार्यक्रम में राजू पासवान, जोगेंद्र यादव, राम बहाल खरवार, बिंदू अगरिया, गुलाब चेरो, मुनिया खरवार, प्रमिला खरवार, शत्रुधन बिंद, आकाश चौहान, दिनेश चेरो, सुरेश मौर्य सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे।
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