अब बरसात में 'पानी-पानी' नहीं होगा रॉबर्ट्सगंज, 23.62 करोड़ की ड्रेनेज परियोजना को मंजूरी
अब बरसात में 'पानी-पानी' नहीं होगा रॉबर्ट्सगंज, 23.62 करोड़ की ड्रेनेज परियोजना को मंजूरी
8:32 PM, Jul 15, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

रॉबर्ट्सगंज। नगर पालिका परिषद रॉबर्ट्सगंज में वर्षों से बरसात के दौरान होने वाली जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ की पहल पर 23.62 करोड़ रुपये की लागत से 4.46 किलोमीटर लंबे ड्रेनेज (आरसीसी नाला) निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई है। परियोजना का निर्माण डीएमएफ (District Mineral Foundation) फंड से कराया जाएगा।जिलाधिकारी ने पूर्व में इमरती कॉलोनी, मिशन अस्पताल के सामने तथा पुसौली-बढ़ौली चौराहे सहित जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया था। स्थानीय लोगों की शिकायतों के बाद उन्होंने जल जीवन मिशन (शहरी) के अधिकारियों की टीम गठित कर वैज्ञानिक अध्ययन के आधार पर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए थे।तकनीकी अध्ययन के तहत नगर का विस्तृत लेवल सर्वे, हाइड्रोलॉजी, कंटूर मैप, सैटेलाइट सर्वे और पिछले 30 वर्षों के वर्षा आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। इस दौरान तीन संभावित ड्रेनेज मार्गों का परीक्षण किया गया।पहला मार्ग नीलकंठ रेस्टोरेंट से चुर्क रोड तक प्रस्तावित था, लेकिन भूमि का स्तर ऊंचा होने के कारण गुरुत्वाकर्षण आधारित जल निकासी संभव नहीं पाई गई। दूसरा विकल्प पुसौली पोखरा मार्ग था, जिसे प्राकृतिक आउटफॉल नहीं मिलने के कारण तकनीकी रूप से अनुपयुक्त माना गया।अध्ययन में नीलकंठ रेस्टोरेंट से कचहरी ड्रेन तक का मार्ग सबसे उपयुक्त पाया गया। इस मार्ग पर प्राकृतिक ढाल होने से बिना पंपिंग व्यवस्था के वर्षा जल कचहरी ड्रेन होते हुए सजौर पोखरा के समीप मुख्य सिंचाई नाले तक पहुंच सकेगा, जिससे नगर के विभिन्न हिस्सों में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान होगा।करीब 4,461 मीटर (4.46 किमी) लंबी इस परियोजना में विभिन्न आकार की आरसीसी नालियां, कल्वर्ट, रेलवे और नहर क्रॉसिंग, साइफन, विद्युत पोल व ट्रांसफार्मर शिफ्टिंग तथा पेयजल पाइपलाइन के स्थानांतरण जैसे कार्य भी शामिल हैं। परियोजना की मूल निर्माण लागत 17.95 करोड़ रुपये है, जबकि डिजाइन, जीएसटी, श्रम उपकर और अन्य प्रभारों सहित कुल लागत 23.62 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है।जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि नगरवासियों को जलभराव से स्थायी राहत दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता है। वैज्ञानिक एवं तकनीकी अध्ययन के आधार पर तैयार इस परियोजना के क्रियान्वयन से रॉबर्ट्सगंज को भविष्य में आधुनिक और सुदृढ़ जल निकासी व्यवस्था उपलब्ध होगी।
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