स्टे तार में उतरे करंट से तीन झुलसे, एक की हालत गंभीर, वाराणसी रेफर.
रविवार को रामप्रवेश का लगभग 2 वर्षीय पुत्र अभी और 3 वर्षीय पुत्री अर्चना खंभे के पास खेल रहे थे। इसी दौरान दोनों बच्चे स्टे तार के संपर्क में आ गए और करंट की चपेट में आकर झुलस गए।
sonbhadra
3:01 PM, Apr 6, 2026
Share:
Edited by: Shaktipal
, Reported By: Anil Agrahari

Sonbhadra Hospital : Image : Sonprabhat
सोनभद्र/कोन। कोन थाना क्षेत्र के सलखन पावर हाउस अंतर्गत ग्राम सभा ससनई में रविवार को बिजली विभाग की लापरवाही से एक बड़ा हादसा हो गया। घर के पास लगे बिजली के खंभे के स्टे तार में उतरे करंट की चपेट में आकर दो मासूम बच्चे और उन्हें बचाने दौड़ी उनकी मां झुलस गईं। तीनों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से वाराणसी ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम सभा ससनई निवासी रामप्रवेश के घर के पास बिजली का खंभा लगा हुआ है, जिसके स्टे तार में अचानक करंट उतर आया। रविवार को रामप्रवेश का लगभग 2 वर्षीय पुत्र अभी और 3 वर्षीय पुत्री अर्चना खंभे के पास खेल रहे थे। इसी दौरान दोनों बच्चे स्टे तार के संपर्क में आ गए और करंट की चपेट में आकर झुलस गए।
बच्चों की चीख-पुकार सुनकर उन्हें बचाने के लिए दौड़ी उनकी मां सुल्तानी (लगभग 30 वर्ष) भी करंट की चपेट में आ गईं और गंभीर रूप से झुलस गईं।

घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। परिजनों और ग्रामीणों की मदद से तीनों घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों ने अर्चना की हालत चिंताजनक देखते हुए उसे वाराणसी ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। बताया जा रहा है कि उसकी स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें
घटना को लेकर गांव में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन के स्टे तार में करंट उतरना बिजली विभाग की घोर लापरवाही है। उनका आरोप है कि कई बार खंभे और तार की मरम्मत की मांग की गई थी, लेकिन विभागीय कर्मचारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया, जिसके चलते यह हादसा हुआ।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि घटना की सूचना देने के बाद भी काफी देर तक बिजली विभाग का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे लोगों में और नाराजगी बढ़ गई। ग्रामीणों ने दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
इस संबंध में विभागीय अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। वहीं पुलिस ने मामले की जानकारी होने की बात कही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते स्टे तार की जांच और मरम्मत कर दी जाती, तो इस बड़े हादसे को टाला जा सकता था।






