जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने किया राजकीय जिला पुस्तकालय का औचक निरीक्षण, प्रतियोगी छात्रों के लिए आधुनिक सुविधाएं और नई पुस्तकों की उपलब्धता के दिए निर्देश
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने किया राजकीय जिला पुस्तकालय का औचक निरीक्षण, प्रतियोगी छात्रों के लिए आधुनिक सुविधाएं और नई पुस्तकों की उपलब्धता के दिए निर्देश
8:22 PM, Jul 7, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

सोनभद्र, 07 जुलाई। जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ ने मंगलवार को राजकीय जिला पुस्तकालय का औचक निरीक्षण कर वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने पुस्तकालय की स्वच्छता, अध्ययन कक्ष, पेयजल, विद्युत व्यवस्था, बैठने की सुविधा, पुस्तक संग्रह, डिजिटल संसाधनों तथा पाठकों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पुस्तकालय की मूलभूत व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पुस्तकालय में अध्ययन कर रहे विद्यार्थियों एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों से संवाद कर उनकी आवश्यकताओं और सुझावों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि पुस्तकालय केवल पुस्तकों का संग्रहालय नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य निर्माण का महत्वपूर्ण केंद्र है। इसलिए यहां गुणवत्तापूर्ण, अद्यतन और उपयोगी अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुस्तकालय में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC), एसएससी, बैंकिंग, रेलवे, पुलिस भर्ती, एनडीए, सीडीएस, टीईटी, सीटीईटी, नीट, जेईई सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की नवीनतम पुस्तकें, संदर्भ ग्रंथ, राष्ट्रीय स्तर की पत्रिकाएं और करंट अफेयर्स सामग्री नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाए, ताकि जनपद के विद्यार्थियों को बेहतर अध्ययन संसाधन मिल सकें।निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर पुस्तकालय के समग्र विकास की रूपरेखा पर चर्चा की। बैठक में सदस्यता अभियान चलाकर अधिकाधिक छात्र-छात्राओं को पुस्तकालय से जोड़ने, डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना, ई-ग्रंथालय पोर्टल का विस्तार, करियर काउंसिलिंग एवं तनाव प्रबंधन कार्यशालाओं के नियमित आयोजन तथा आधुनिक तकनीकी सुविधाओं के विकास पर विशेष जोर दिया गया।उन्होंने निर्देश दिए कि पुस्तकालय में ई-लाइब्रेरी, कंप्यूटर और टैबलेट जैसी आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जाए तथा इसे विद्यार्थियों, शोधार्थियों और आम नागरिकों के लिए अधिक उपयोगी बनाया जाए। साथ ही समय-समय पर प्रेरक व्याख्यान, पुस्तक परिचर्चा, करियर मार्गदर्शन और व्यक्तित्व विकास से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएं।बैठक में पुस्तकालय के दीर्घकालिक विकास के लिए सीएसआर (CSR) के माध्यम से बहुउद्देशीय हॉल, डिजिटल लाइब्रेरी और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने कहा कि राजकीय जिला पुस्तकालय को जनपद में ज्ञान, नवाचार, डिजिटल शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का उत्कृष्ट केंद्र बनाया जाएगा, जिससे अधिकाधिक युवा लाभान्वित हो सकें।इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, जिला विद्यालय निरीक्षक जय राम सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनन्द पाण्डेय, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह, जिला पुस्तकालयाध्यक्ष सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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