डाला में निःशुल्क नेत्र परिक्षण शिविर का आयोजन, सैकड़ो मरीजों की हुई जांच।
सोनभद्र-मीडिया हाउस प्रेस कार्यालय बारी डाला स्थित कार्यालय पर आयोजित निःशुल्क नेत्र परिक्षण एवं जांच शिविर में लगभग 150 मरीजों की जांच की गई, दर्जनो मरीजो के निःशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन हेतु श्री सदगुरू सेवा संघ ट्रस्ट चित्रकूट अस्पताल ले जाया गया। उक्त अवसर पर मीडिया हाउस के अध्यक्ष/प्रधान संपादक डा ए के गुप्ता ने सभी मेडिकल टीम का स्वागत किया।
7:15 PM, Sep 19, 2026
Share:
Edited By: Shaktipal , Reported By: Jitendra Kumar chandrwanshi

- डीएमएफ-सीएसआर के पैसे से हो ट्रामा सेंटर का हो निर्माण-डा ए के गुप्ता
- घटना दुर्घटना एक्सीडेंट होने पर जाना पड़ता है वाराणसी ट्रामा सेंटर।- मारकुंडी के नीचे से ऊर्जाचल तक के लोगों को मिलेगा इसका लाभ।
डाला सोनभद्र-मीडिया हाउस प्रेस कार्यालय बारी डाला स्थित कार्यालय पर आयोजित निःशुल्क नेत्र परिक्षण एवं जांच शिविर में लगभग 150 मरीजों की जांच की गई, दर्जनो मरीजो के निःशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन हेतु श्री सदगुरू सेवा संघ ट्रस्ट चित्रकूट अस्पताल ले जाया गया। उक्त अवसर पर मीडिया हाउस के अध्यक्ष/प्रधान संपादक डा ए के गुप्ता ने सभी मेडिकल टीम का स्वागत किया।
ज्ञात हो कि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश में आंखों के इलाज के क्षेत्र में प्रमुख स्थान रखने वालाश्री सदगुरू सेवा संघ ट्रस्ट चित्रकूट के वरिष्ठ चिकित्सकों की टीम के द्वारा मीडिया हाउस प्रेस कार्यालय बारी डाला स्थित कार्यालय पर आयोजित निःशुल्क नेत्र परिक्षण एवं जांच शिविर में आंखों से संबंधित मोतियाबिंद नाखूना एलर्जी से संबंधित लोगों की जांच की गई। जांच के उपरांत सभी मरीजों को चश्मा आई ड्रॉप वितरण किया गया। दर्जनों मरीज के आंख में मोतियाबिंद पाए जाने पर उनके निःशुल्क इलाज व ऑपरेशन हेतु चित्रकूट ले जाया गया।
उक्त अवसर पर मीडिया हाउस के अध्यक्ष/प्रधान संपादक डॉ ए के गुप्ता ने कहां की हमारा प्रयास है कि अधिक से अधिक लोगों को स्वास्थ्य लाभ मिले। मीडिया हाउस द्वारा सामाजिक स्वस्थ्य के क्षेत्र में हमेशा मेडिकल कैंप एवं जन जागरूकता आदि कार्यक्रम का आयोजन रेगुलर किया जाता है। जिसका लाभ स्थानीय जनता एवं मजदूरों को मिलता है। औद्योगिक प्रतिष्ठानों एवं खनन क्षेत्र होने के नाते नियमानुसार खनन पट्टा धारकों को हर 6 महिने पर मजदूरों के स्वास्थ्य लाभ हेतु रेगुलर मेडिकल कैंप का आयोजन कराना अनिवार्य है। जिसकी रिपोर्ट नियमानुसार शासन प्रशासन विभागों तक हमेशा जानी चाहिए।
डा गुप्ता ने कहा कि खनन क्षेत्र से बड़े पैमाने पर सरकार को राजस्व मिलता है किंतु खनन क्षेत्र में मेडिकल की कोई भी एक सुविधा नहीं है। खनन क्षेत्र होने के नाते घटना दुर्घटना एक्सीडेंट आए दिन घटना रहता है मजदूर की मौत होते रहती है बावजूद उसके समस्याओं को नजर अंदाज कर दिया जाता है। कार्य करने वाले सभी मजदूरों का श्रम विभाग में पंजीयन एवं स्वास्थ्य बीमा होना अनिवार्य है।
डा गुप्ता ने कहां कि मुख्यमंत्री शासन प्रशासन को औद्योगिक प्रतिष्ठानों एवं खनन क्षेत्र में मेडिकल इमरजेंसी की गंभीरता से देखते हुए खनन क्षेत्र के एक दो किलोमीटर के अंतर्गत 100 बेड का इमरजेंसी ट्रामा सेंटर हॉस्पिटल का निर्माण कराया जाना अनिवार्य है। ताकि इसका लाभ आसपास के क्षेत्र के साथ-साथ ऊर्जाचल तक के औद्योगिक क्षेत्र में कार्य करने वाले सभी मजदूरों को उसका लाभ मिले। आए दिन घटना दुर्घटना एक्सीडेंट होता रहता है मजदूरों को लेकर वाराणसी ट्रामासेटर भागना पड़ता है जिससे लोगों की रास्ते में दुखद मौत हो जाती है। जो गंभीर चिंता का विषय है इस मामले को जिला प्रशासन शासन जनप्रतिनिधियों को गंभीरता से लें और जिला खनिज निधि फाउंडेशन, सीएसआर के माध्यम से ट्रामा सेंटर का निर्माण कराया जाना जनहित में बहुत ही महत्वपूर्ण है। मेडिकल कैंप के दौरान डॉ मनीष तिवारी, हंसराज यादव, सुशील मिश्रा, क्रशर ओनर्स एसोसिएशन के सचिव अभिषेक सिंह उर्फ पिंकू सिंह, उमेश चंद्र मिश्रा, मनमोहन शुक्ला, रामप्यारे सिंह, त्रिभुवन पांडे, कृपाशंकर पांडे, राघवेंद्र नाथ पांडे, शिव शंकर गुप्ता, विनय गुप्ता, दिव्यांश गुप्ता, निकिता गुप्ता, अनुप्रिया गुप्ता आदि लोगों उपस्थित रहे।
यह भी पढ़ें






