घोरावल रामलीला में लक्ष्मण मूर्छा का मंचन, संजीवनी बूटी से बचाए प्राण
घोरावल (सोनभद्र): घोरावल नगर के श्री रामेश्वर रामलीला समिति की ओर से दिखाई जा रही रामलीला में रविवार की रात लक्ष्मण मूर्च्छा का मंचन किया गया। सबसे पहले महिषासुर मर्दनी की झांकी प्रस्तुत कर आरती हुई
4:02 PM, Oct 19, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

घोरावल (सोनभद्र): घोरावल नगर के श्री रामेश्वर रामलीला समिति की ओर से दिखाई जा रही रामलीला में रविवार की रात लक्ष्मण मूर्च्छा का मंचन किया गया। सबसे पहले महिषासुर मर्दनी की झांकी प्रस्तुत कर आरती हुई। इसके बाद मंचन के लिए पर्दा उठा। रामलीला में दिखाया गया कि राम अंगद को शांति दूत बनाकर लंका भेजे थे। उसके बाद राम व रावण में युद्ध का शंखनाद होता है। हालांकि कुंभकर्ण भी सीता को राम को लौटाने की सलाह रावण को देते है लेकिन अहंकारी रावण नहीं मानता। मेघनाथ अपनी मायावी शक्ति के प्रयोग से लक्ष्मण को नागपाश शक्ति प्रयोग कर मूर्छित कर देते हैं। बांहों में लक्ष्मण को भरकर राम पूछते है कि हे हनुमान बताओ कि इस मूर्छा को कैसे तोड़ा जा सकता है। उस पर हनुमान वैद्य को लेकर आते है, हिमालय पर्वत पर से संजीवनी बूटी लाते हैं और लक्ष्मण के प्राण को बचाते है। महंत सुरेश चौधरी ने हनुमान जी, सूरज उमर ने दशानन, छबीले ने इंद्रजीत, लवकुश अग्रहरि ने वैद्य, अनीश उमर ने श्री राम, अंशुमान ने लक्ष्मण की भूमिका निभाई। मेकप मास्टर अर्जुन उमर तथा रामचन्दर गिरी ने पात्रों को आकर्षक रूप में सजाया। अध्यक्ष कृष्ण कुमार किसानु, श्यामा गुप्ता, विजय, सोनू समेत रामलीला देखने के लिए नगर व क्षेत्र के श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी रही।
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