नवरात्र के आठवें दिन होगी माँ महागौरी की आराधना, नारियल का भोग लगाने से सुख-समृद्धि की मान्यता.
श्रद्धाभाव से माँ महागौरी की पूजा करने से मिलती है सुख-शांति, कन्या पूजन और गरीबो को दान देने का भी है विशेष महत्व।
sonebhadra
4:50 PM, Oct 17, 2026
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Edited By: U. Gupta , Reported By: यू .गुप्ता

श्रद्धाभाव से माँ महागौरी की पूजा करने से मिलती है सुख-शांति, कन्या पूजन और दान का भी है विशेष महत्व
शारदीय नवरात्र के आठवें दिन माँ दुर्गा के अष्टम स्वरूप माँ महागौरी की पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माँ महागौरी की श्रद्धा और भक्तिभाव से आराधना करने से भक्तों के कष्ट दूर होते हैं तथा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। माँ की कृपा से असंभव कार्य भी सिद्ध होने की मान्यता है।
माँ महागौरी का स्वरूप अत्यंत शांत, सौम्य और गौर वर्ण वाला है। उनके समस्त वस्त्र एवं आभूषण श्वेत रंग के हैं। उनका वाहन वृषभ अर्थात बैल है, जिसका रंग भी हिम के समान सफेद बताया गया है। इसी कारण माँ को ‘श्वेताम्बरधरा’ भी कहा जाता है। माँ की चार भुजाएँ हैं। उनके एक हाथ में डमरू और दूसरे में त्रिशूल है, जबकि अन्य दो हाथ अभय मुद्रा और वर मुद्रा में सुशोभित हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माँ महागौरी मनुष्य को सद्कर्मों की ओर प्रेरित करती हैं और बुराइयों का नाश करती हैं। उनकी आराधना से साधक को आध्यात्मिक शांति, सकारात्मकता और पुण्य की प्राप्ति होती है।मान्यता है कि माँ महागौरी की श्रद्धापूर्वक पूजा करने से महिलाओं को सौभाग्य, कुंवारी कन्याओं को योग्य वर तथा परिवार में सुखमय जीवन की प्राप्ति होती है। भक्त इस दिन विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर माता से सुखी और समृद्ध जीवन की कामना करते हैं।
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माँ महागौरी का पूजा मंत्र--
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श्वेते वृषे समारूढ़ा, श्वेताम्बरधरा शुचिः।
महागौरी शुभं दद्यान्, महादेव प्रमोददा॥
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नवरात्र के आठवें दिन माँ महागौरी को नारियल का भोग लगाने की परंपरा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, माता को नारियल अर्पित करने से घर में सुख-समृद्धि आती है। कुछ परंपराओं में नारियल को सिर से घुमाकर बहते जल में प्रवाहित करने की भी मान्यता है, जिसे बाधाओं से मुक्ति की कामना से जोड़ा जाता है।माँ महागौरी की पूजा के बाद शरबत, खीर और अन्य प्रसाद अर्पित करने की परंपरा भी प्रचलित है। भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार पूजा-अर्चना कर माता का आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना करते हैं।
नवरात्र के आठवें दिन कन्या पूजन का विशेष महत्व माना जाता है। इस अवसर पर कन्याओं को भोजन कराने के साथ पकवान, मिठाई और हलवा आदि भेंट किए जाते हैं। श्रद्धालु कन्याओं को दान-दक्षिणा देकर माता के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट करते हैं। मान्यता है कि माँ महागौरी की आराधना और कन्या पूजन से घर-परिवार में सुख, शांति और मंगल का वातावरण बना रहता है।






