ढाई साल बाद भी नहीं हुई जमीन की फाटबंदी, पीड़ित महिला ने डीएम और बार एसोसिएशन से लगाई गुहार
ढाई साल बाद भी नहीं हुई जमीन की फाटबंदी, पीड़ित महिला ने डीएम और बार एसोसिएशन से लगाई गुहार
8:30 PM, Jun 17, 2026
Share:
Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

न्यायालय के आदेश के अनुपालन में हीलाहवाली का आरोप, अधिवक्ताओं ने जताई नाराजगीशीघ्र कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनीसोनभद्र। न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बावजूद ढाई वर्ष बीत जाने के बाद भी जमीन की फाटबंदी नहीं होने का मामला सामने आया है। मामले में पीड़ित महिला ने जिलाधिकारी सोनभद्र एवं डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। वहीं डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पीड़िता को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है।मधुपुर गांव निवासी मंजू देवी ने आरोप लगाया है कि उनके पिता सदाफल चौहान की मौजा मधुपुर स्थित आराजी संख्या 856/1, रकबा 0.2920 हेक्टेयर भूमि की फाटबंदी को लेकर डिप्टी कलेक्टर रॉबर्ट्सगंज की अदालत ने 31 अक्टूबर 2023 को स्पष्ट आदेश पारित किया था। आदेश में राजस्व निरीक्षक एवं लेखपाल को टीम के साथ मौके पर जाकर सीमांकन एवं फाटबंदी की कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया था।पीड़िता का आरोप है कि न्यायालय के आदेश के बावजूद आज तक उसका पालन नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि उनके पिता की शिकायत पर राजस्व निरीक्षक द्वारा एक जून 2026 को नोटिस जारी कर आठ जून को सुबह आठ बजे मौके पर पहुंचने के लिए कहा गया था, लेकिन निर्धारित तिथि पर न तो राजस्व निरीक्षक पहुंचे और न ही लेखपाल। इसके बाद संपर्क करने पर विभिन्न बहाने बनाकर कार्रवाई को टाल दिया गया।मंजू देवी ने बताया कि उनके पिता बीमार हैं, जिसके कारण उन्हें स्वयं मामले की पैरवी करनी पड़ रही है। उन्होंने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप कर न्यायालय के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने की मांग की है।बुधवार को पीड़िता ने डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन, सोनभद्र को भी शिकायती पत्र सौंपा। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए एसोसिएशन के महामंत्री राजेंद्र कुमार यादव एडवोकेट ने कहा कि संगठन ने मामले को संज्ञान में लिया है और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी राजेश कुमार यादव एडवोकेट ने कहा कि यह न्यायालय के आदेश की खुली अवमानना का मामला प्रतीत होता है तथा एक गरीब महिला को न्याय से वंचित करने का प्रयास है। वहीं पूर्व महामंत्री प्रदीप कुमार मौर्य एडवोकेट ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर न्यायालय के आदेश का अक्षरशः पालन सुनिश्चित कराने की मांग की।बार एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो अधिवक्ता समाज पीड़िता के समर्थन में विधिक एवं लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। अधिवक्ताओं ने कहा कि "न्याय में देरी भी अन्याय के समान है।"इस अवसर पर अधिवक्ता पवन कुमार सिंह, टीटू गुप्ता, मृगराज सिंह, अमित वर्मा, संतोष कुमार यादव, राकेश कुमार सिंह, विनीता, आकृति निर्भया, किरन सिंह, आदर्श देव पांडेय, शाहनवाज आलम खान सहित अन्य अधिवक्ता उपस्थित रहे।
यह भी पढ़ें






