ब्रेक फेल होने से बच्चों से भरी स्कूली बस घाटी से टकराई, बाल-बाल बचे बच्चे
ब्रेक फेल होने से बच्चों से भरी स्कूली बस घाटी से टकराई, बाल-बाल बचे बच्चे
8:48 PM, Aug 10, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Anil Kumar agrahari

चालक की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा, दूसरी बस से घर भेजे गए छात्र;
सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र की खतरनाक मारकुंडी घाटी में सोमवार दोपहर उस समय बड़ा हादसा टल गया, जब स्कूल की छुट्टी के बाद बच्चों को घर छोड़ने जा रही बस का अचानक ब्रेक फेल हो गया। बस अनियंत्रित होकर घाटी से जा टकराई। चालक ने सूझबूझ और तत्परता दिखाते हुए बस को नियंत्रित करने का प्रयास किया, जिससे बस में सवार सभी बच्चे सुरक्षित बच गए।
हादसे की सूचना मिलते ही अभिभावकों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन बच्चों के सकुशल होने की जानकारी मिलने पर उन्होंने राहत की सांस ली।जानकारी के अनुसार, हरि सेवानंद स्कूल की बस सोमवार को छुट्टी के बाद मारकुंडी, सलखन, पटवध, चोपन समेत आसपास के क्षेत्रों के बच्चों को उनके घर छोड़ने जा रही थी।
मारकुंडी पुरानी घाटी में दुर्गा मंदिर के पास दूसरे मोड़ पर उतरते समय अचानक बस का ब्रेक फेल हो गया। ढलान और तीखे मोड़ के बीच बस अनियंत्रित होने लगी। चालक ने तत्काल स्थिति को भांपते हुए बस को घाटी की ओर मोड़ दिया। इसके बाद बस घाटी से टकराकर रुक गई।गनीमत रही कि चालक की सूझबूझ से बस पलटने या गहरी खाई में जाने से बच गई। बस में सवार सभी बच्चे सुरक्षित रहे। घटना के बाद बच्चों को दूसरी बस के माध्यम से उनके घरों तक पहुंचाया गया।
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पुरानी बसों को लेकर अभिभावकों में चिंता
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घटना के बाद अभिभावकों ने स्कूली बसों की सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि बच्चों को ढोने वाले वाहनों की नियमित तकनीकी और फिटनेस जांच बेहद जरूरी है। अभिभावकों ने पुरानी बसों के संचालन पर सवाल उठाते हुए वाहनों की तत्काल जांच कराने तथा जर्जर और पुरानी बसों की जगह नए वाहनों का संचालन कराने की मांग की है।
हादसों के लिए बदनाम है मारकुंडी घाटी
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मारकुंडी घाटी में सड़क के तीखे मोड़ और अचानक आने वाली ढलान के कारण दुर्घटना का खतरा हमेशा बना रहता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, यहां आए दिन छोटे-बड़े हादसे होते रहते हैं। ऐसे संवेदनशील मार्ग पर स्कूली बसों के संचालन के दौरान वाहन की तकनीकी स्थिति और चालक की सतर्कता बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।बच्चों से भरी बस के ब्रेक फेल होने के बावजूद सभी बच्चों का सुरक्षित बच जाना बड़ी राहत की बात है। घटना ने एक बार फिर स्कूली वाहनों की फिटनेस और सुरक्षा मानकों की नियमित जांच की जरूरत को सामने ला दिया है।
पुराने स्कूली वाहनों की फिटनेस जांच की उठी मांग






