सांप के डंसने से सात वर्षीय बच्ची की मौत, झाड़-फूंक में गंवाया अमूल्य समय
सांप के डंसने से सात वर्षीय बच्ची की मौत, झाड़-फूंक में गंवाया अमूल्य समय
6:32 AM, Jul 11, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Jitendra Kumar chandrwanshi

सोनभद्र:दुद्धी तहसील के कोन थाना क्षेत्र अंतर्गत पिंडारी गांव में करैत सांप के काटने से सात वर्षीय बच्ची खुशी की मौत हो गई। समय पर अस्पताल ले जाने के बजाय परिजनों द्वारा झाड़-फूंक कराने के कारण बच्ची की जान नहीं बचाई जा सकी।परिजनों के अनुसार, खुशी पुत्री ललन शनिवार देर रात भोजन करने के बाद अपनी नानी के साथ घर में जमीन पर सो रही थी। रात करीब एक बजे बिस्तर में घुसे करैत सांप ने उसकी पीठ और गर्दन पर दो बार डंस लिया। बच्ची ने दर्द होने पर अपनी नानी को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद परिवार के लोग घबरा गए।घबराहट में परिजन बच्ची को घर से लगभग आधा किलोमीटर दूर स्थित एक झाड़-फूंक करने वाले व्यक्ति के पास ले गए। बताया जाता है कि करीब चार घंटे तक झाड़-फूंक चलती रही। इस दौरान बच्ची की हालत लगातार बिगड़ती गई और सुबह लगभग पांच बजे उसकी मौत हो गई।घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए दुद्धी भेज दिया।बच्ची के पिता ललन ने बताया कि घटना के समय परिवार घबरा गया था। पहाड़ी क्षेत्र में रहने और उचित निर्णय नहीं ले पाने के कारण वे अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक कराते रहे, जिससे समय पर चिकित्सकीय उपचार नहीं मिल सका।खुशी तीन बहनों में सबसे बड़ी थी और कक्षा दो की छात्रा थी। उसकी असामयिक मौत से परिवार और पूरे गांव में शोक की लहर है। घटना के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल भी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सर्पदंश के प्रति व्यापक जागरूकता अभियान चलाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में त्वरित आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।बरसात के मौसम में क्षेत्र में सर्पदंश की बढ़ती घटनाओं के बीच स्थानीय लोगों ने अपील की है कि सांप काटने की स्थिति में झाड़-फूंक के बजाय बिना समय गंवाए निकटतम स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचें, क्योंकि समय पर चिकित्सा उपचार से अधिकांश मामलों में मरीज की जान बचाई जा सकती है।
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