फर्जी बैनामा प्रकरण में एसपी सख्त, रामेश्वर दत्त मिश्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज
सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज तहसील के करमा थाना क्षेत्र अंतर्गत कुचमरवा गांव में जमीन के कथित फर्जी बैनामे का मामला सामने आया है। छोटे भाइयों की जमीन को कूटरचित दस्तावेज तैयार कर अपनी बताकर दूसरे व्यक्ति को बेचने के आरोप में पुलिस ने रामेश्वर दत्त मिश्र के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर हुई जांच के बाद करमा थाने में यह कार्रवाई की गई है
6:23 PM, Nov 6, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

छोटे भाइयों की जमीन को कूटरचित दस्तावेजों के जरिए अपनी बताकर बेचने का आरोप, एसपी के निर्देश पर हुई कार्रवाईसोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज तहसील के करमा थाना क्षेत्र अंतर्गत कुचमरवा गांव में जमीन के कथित फर्जी बैनामे का मामला सामने आया है। छोटे भाइयों की जमीन को कूटरचित दस्तावेज तैयार कर अपनी बताकर दूसरे व्यक्ति को बेचने के आरोप में पुलिस ने रामेश्वर दत्त मिश्र के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर हुई जांच के बाद करमा थाने में यह कार्रवाई की गई है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुचमरवा गांव निवासी चंद्रकांत मिश्र एवं शशिकांत मिश्र ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि गांव स्थित उनकी भूमि, आराजी संख्या 31 को उनके भाई रामेश्वर दत्त मिश्र ने कथित रूप से फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेज तैयार कर 12 अगस्त को ओबरा निवासी मु. समीम के हाथों बेच दिया।पीड़ित भाइयों के मुताबिक, जब जमीन के दाखिल-खारिज की प्रक्रिया के लिए दस्तावेज प्रस्तुत किए गए, तब उनके मोबाइल पर संदेश प्राप्त हुआ। इसके बाद दोनों भाइयों को जमीन के बैनामे की जानकारी हुई। उन्होंने अधिवक्ता के माध्यम से उप निबंधक कार्यालय एवं तहसीलदार कार्यालय में अभिलेखों का मुआयना कराया, जिसके बाद कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया।मामले को लेकर दोनों भाइयों ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत की। पुलिस अधीक्षक ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्राधिकारी एवं अपर पुलिस अधीक्षक से जांच कराई। जांच के उपरांत मामले की गंभीरता को देखते हुए करमा थानाध्यक्ष को मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया गया।करमा थानाध्यक्ष कमलेश पाल ने बताया कि रामेश्वर दत्त मिश्र के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 338, 318(4), 336(3), 340(2), 352 एवं 351(3) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक मनोज सिंह को सौंपी गई है।वहीं, इस प्रकरण को लेकर अधिवक्ताओं का कहना है कि बैनामा निष्पादित करते समय संबंधित अभिलेखों एवं दस्तावेजों की समुचित जांच की गई होती तो कथित फर्जीवाड़े को शुरुआती स्तर पर ही पकड़ा जा सकता था।शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि रामेश्वर दत्त मिश्र के खिलाफ पूर्व में हत्या, कूटरचना एवं धोखाधड़ी समेत कई मुकदमे दर्ज हैं। थाना अभिलेखों के अनुसार उनके विरुद्ध एक दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज होने की बात कही जा रही है। साथ ही हिस्ट्रीशीट खोलने एवं गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया भी प्रचलित बताई गई है। वर्ष 2012 में अपने पट्टीदार की हत्या के मामले में भी उनका नाम सामने आने और करीब 12 वर्ष बाद जमानत पर बाहर आने का उल्लेख किया गया है।फिलहाल पुलिस मामले की विवेचना कर रही है। अब जांच में यह स्पष्ट होगा कि जमीन के बैनामे में किन दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया और कथित फर्जीवाड़े में अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका भी है या नहीं।
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