सोनभद्र में जल निगम ग्रामीण के अधिशासी अभियंता का पद खाली, दो अधिकारी नहीं संभाल सके कार्यभार
जिले में जल निगम ग्रामीण के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) का पद पिछले कुछ समय से रिक्त चल रहा है। स्थिति यह है कि इस पद पर तैनाती के लिए स्थानांतरित किए गए दो अधिकारियों ने कार्यभार ग्रहण नहीं किया, जिसके बाद विभाग द्वारा उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।
sonbhadra
12:37 PM, Jun 17, 2026
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Edited By: Ashish Gupta , Reported By: Sanjay Singh

Photo : Sonprabhat News
सोनभद्र। जिले में जल निगम ग्रामीण के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) का पद पिछले कुछ समय से रिक्त चल रहा है। स्थिति यह है कि इस पद पर तैनाती के लिए स्थानांतरित किए गए दो अधिकारियों ने कार्यभार ग्रहण नहीं किया, जिसके बाद विभाग द्वारा उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।
जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना के अंतर्गत जिले में ग्रामीण क्षेत्रों तक पेयजल पहुंचाने के लिए बड़े स्तर पर कार्य चल रहा है। इस योजना के तहत विभिन्न गांवों में पाइपलाइन बिछाने, जलाशयों के निर्माण और घर-घर नल कनेक्शन उपलब्ध कराने का काम किया जा रहा है। परियोजना की निगरानी और क्रियान्वयन में अधिशासी अभियंता की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है।
सूत्रों के मुताबिक, अप्रैल 2026 में एक अधिकारी का स्थानांतरण सोनभद्र में किया गया था, लेकिन उन्होंने कार्यभार ग्रहण नहीं किया। इसके बाद विभाग ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर अन्य कार्यालय से संबद्ध कर दिया। बाद में जून 2026 में दूसरे अधिकारी की तैनाती भी सोनभद्र के लिए की गई, किंतु उन्होंने भी पदभार नहीं संभाला। विभाग ने उनके खिलाफ भी कार्रवाई की।
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परियोजना की प्रगति पर उठ रहे सवाल
जिले में जल जीवन मिशन के अंतर्गत हजारों करोड़ रुपये की लागत से कार्य संचालित किए जा रहे हैं। बावजूद इसके कई ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित नहीं हो सकी है। कुछ स्थानों पर पाइपलाइन कार्य अधूरा होने और कई जगह जलापूर्ति में तकनीकी समस्याओं की शिकायतें सामने आती रही हैं।
ऐसे में अधिशासी अभियंता का पद लंबे समय तक खाली रहने से परियोजना की निगरानी और कार्यों की प्रगति पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
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प्रशासन को नहीं मिली आधिकारिक जानकारी
इस संबंध में पूछे जाने पर जिला प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि उन्हें अधिकारियों के कार्यभार ग्रहण न करने और विभागीय कार्रवाई से जुड़ी कोई आधिकारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई है।
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बना चर्चा का विषय
लगातार दो अधिकारियों द्वारा कार्यभार ग्रहण न करने की घटनाओं ने विभागीय और प्रशासनिक हलकों में चर्चा को जन्म दिया है। हालांकि अधिकारियों द्वारा कार्यभार न संभालने के पीछे वास्तविक कारणों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।






