सोनभद्र में होगा साहित्य का भव्य उत्सव: ‘अजयशेखर सम्मान 2025’ से सम्मानित होंगे डॉ. लखन राम 'जंगली', दो पुस्तकों का विमोचन।
संपादकीय : आशीष गुप्ता / सोन प्रभात
sonbhadra
8:21 AM, Apr 10, 2025
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Edited by: Ashish Gupta

संपादकीय : आशीष गुप्ता / सोन प्रभात
सोनभद्र। साहित्य प्रेमियों के लिए एक सौगात लेकर आ रहा है सोनभद्र, जहां नगर पालिका सभागार में आयोजित होने जा रहा है एक ऐतिहासिक साहित्यिक समारोह – ‘अजयशेखर सम्मान 2025’ और दो बहुप्रतीक्षित पुस्तकों का का विमोचन होना सुनिश्चित है। [caption id="attachment_64365" align="aligncenter" width="226"]

अजय शेखर: फाइल फोटो[/caption] यह आयोजन न केवल सम्मान का प्रतीक बनेगा, बल्कि हिंदी साहित्य की विविध धारा में एक नई सर्जना की बयार भी लेकर आएगा। इस वर्ष का प्रतिष्ठित ‘अजयशेखर सम्मान’ प्रदान किया जाएगा समाजसेवा और चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले, साथ ही हिंदी साहित्य से भी गहरा जुड़ाव रखने वाले गोंडी (आग्नेय) के अद्वितीय कवि डॉ. लखनराम जंगली को। यह सम्मान उन्हें उनकी साहित्यिक प्रतिबद्धता और उल्लेखनीय सेवाओं के लिए दिया जा रहा है। [caption id="attachment_64364" align="aligncenter" width="300"]
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डॉ. लखन राम 'जंगली' सोनभद्र के वरिष्ठ साहित्यकार नरेंद्र नीरव के साथ : फाइल फोटो[/caption]
दो पुस्तकों का विमोचन
इस मंच से दो अलग-अलग भावभूमियों पर आधारित काव्य संकलन " बारिशे धूप की होती रही' और ' अगोरी की मंजरी ' का विमोचन भी किया जाएगा।
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1. "अगोरी की मंजरी" – डॉ. नागेश्वर दुबे (भू - वैज्ञानिक) द्वारा रचित यह पुस्तक, सोनभद्र में स्थित अगोरी किला के ऐतिहासिक घटनाओं, आध्यात्म और जीवन के रहस्यमय पहलुओं को गहनता से उकेरता है।
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2. "बारिशें धूप की होती रहीं" काव्य संकलन – युवा कवि प्रभात कुमार चौरसिया की यह कृति आधुनिक समय की भावनाओं, संघर्षों और संवेदनाओं को कविता के माध्यम से जीवंत रूप में प्रस्तुत करती है। [caption id="attachment_64367" align="aligncenter" width="298"]

डॉ. नागेश्वर दुबे : भू वैज्ञानिक (फाइल फोटो)[/caption]
साहित्यिक संगोष्ठी – विचारों की जुगलबंदी
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कार्यक्रम की विशेषता यह भी है कि प्रख्यात साहित्यकार इस मंच पर एकत्र होंगे और ‘समकालीन रचनाधर्मिता’ पर अपने विचार साझा करेंगे। यह सत्र न केवल साहित्य के बदलते स्वरूप पर प्रकाश डालेगा, बल्कि नई पीढ़ी के रचनाकारों को भी दिशा देगा।
कार्यक्रम विवरण:
स्थान: नगर पालिका सभागार, सोनभद्र तिथि: 13 अप्रैल 2025, रविवार समय: दोपहर 1:00 बजे से इस भव्य आयोजन का संयोजन कर रहे हैं नरेंद्र नीरव, जो विचार मंच के सक्रिय संयोजक हैं। कार्यक्रम में मार्गदर्शन देंगे जगदीश पंथी, जो राष्ट्रीय संचेतना समिति, सोनभद्र के संयोजक हैं। साहित्य प्रेमियों को सादर आमंत्रित किया गया है, इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बनें, और विचारों के इस अनुपम संगम को अपनी उपस्थिति से गौरव प्रदान करें। यह अवसर है साहित्य को जीने, सुनने, समझने और महसूस करने का।






