“सबके दुख में खड़ी है मां...” की गूंज के बीच देर रात तक चला विशाल कवि सम्मेलन
“सबके दुख में खड़ी है मां...” की गूंज के बीच देर रात तक चला विशाल कवि सम्मेलन
10:40 AM, May 18, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

मलमास के शुभारम्भ पर ग्राम चिनगी टोला में सजा साहित्य का भव्य मंच, कवियों की प्रस्तुतियों ने बांधा समांसोनभद्र। मध्यप्रदेश हिन्दी साहित्य सम्मेलन के सौजन्य से शनिवार 17 मई 2026 को ग्राम चिनगी टोला (तेलदह) स्थित वरिष्ठ साहित्यकार आदरणीय श्री शंकर प्रसाद शुक्ल के निज निवास पर मलमास (अधिकमास) के शुभारम्भ अवसर पर विशाल कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देर रात तक कविता, गीत, गजल और ओजस्वी रचनाओं की गूंज सुनाई देती रही।कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि आदरणीय श्री सुरेश गुप्त ‘ग्वालियरी’ ने की। मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ अधिवक्ता श्री करतार द्विवेदी एवं अति विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री शिवप्रसाद वैश्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. प्रदीप द्विवेदी ‘सत्यव्रत’ ने किया।कार्यक्रम का शुभारम्भ मां सरस्वती की वंदना से हुआ, जिसे कु. आस्था शुक्ला (कक्षा-7) ने अपनी स्वरचित प्रस्तुति से सजीव कर दिया। इसके बाद कवियों ने दो चरणों में अपनी रचनाओं का पाठ किया। वरिष्ठ कवि श्री सुरेश गुप्त ‘ग्वालियरी’ की पंक्तियां—“सबके दुख में खड़ी है मां,दिल की बहुत बड़ी है मां...”ने उपस्थित श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।कवि सम्मेलन में डॉ. सुरेश कुमार मिश्र ‘गौतम’, डॉ. प्रदीप द्विवेदी ‘सत्यव्रत’, श्री संजीव कुमार पाठक ‘सौम्य’, श्री राम मिलन उपाध्याय, श्री अवधेश नामदेव तथा श्री शंकर प्रसाद शुक्ल सहित कई साहित्यकारों ने समाज, संस्कृति, राष्ट्रभक्ति एवं मानवीय संवेदनाओं पर आधारित रचनाएं प्रस्तुत कीं।रात 8 बजे से शुरू हुआ कार्यक्रम देर रात 11:30 बजे तक अनवरत चलता रहा। ग्रामीण क्षेत्र में आयोजित इस साहित्यिक आयोजन में बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।इस अवसर पर हीरामणि शुक्ल, मंगलेश्वर प्रसाद द्विवेदी, पदुम नाथ चतुर्वेदी, गोकुल प्रसाद तिवारी, रघुवीर सिंह बघेल, देवराज कुशवाहा, गोकुल प्रसाद वैश्य, पन्नालाल वैश्य, उपसरपंच राम नरेश यादव सहित सैकड़ों गणमान्य लोग उपस्थित रहे।कार्यक्रम के समापन पर आयोजक श्री शंकर प्रसाद शुक्ल ने सभी कवियों एवं अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानपूर्वक विदाई दी।
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