सोनभद्र में बिछेगा सड़कों का जाल, उद्योगों को मिलेगी रफ्तार,औद्योगिक लॉजिस्टिक योजना के तहत 202 करोड़ रुपये से बनेंगी 127 किमी लंबी छह सड़कें
सोनभद्र में बिछेगा सड़कों का जाल, उद्योगों को मिलेगी रफ्तार औद्योगिक लॉजिस्टिक योजना के तहत 202 करोड़ रुपये से बनेंगी 127 किमी लंबी छह सड़कें
8:48 PM, Aug 4, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

सोनभद्र। प्रदेश की योगी सरकार औद्योगिक विकास के साथ-साथ बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसी क्रम में औद्योगिक लॉजिस्टिक योजना के तहत सड़क निर्माण के 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इनमें सबसे अधिक छह प्रस्ताव सोनभद्र जिले के हैं। इन छह सड़कों के निर्माण पर करीब 202 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और कुल 127 किलोमीटर सड़क नेटवर्क विकसित किया जाएगा।जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के समयबद्ध प्रयासों से मिली यह स्वीकृति सोनभद्र के औद्योगिक और आर्थिक विकास को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है। नई सड़कों के निर्माण से उद्योगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, वहीं आम लोगों के आवागमन में भी सुविधा बढ़ेगी।जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि उद्योगों को प्रोत्साहन देने और दूसरे जनपदों से बेहतर संपर्क स्थापित करने के लिए जिले की छह सड़कों के निर्माण को मंजूरी प्रदान की गई है। शासन ने औद्योगिक लॉजिस्टिक योजना के तहत कुल 22 सड़क प्रस्तावों को स्वीकृति दी है, जिनमें सोनभद्र के सबसे अधिक छह प्रस्ताव शामिल हैं।स्वीकृत सड़कों में मुर्धवा-म्योरपुर-बभनी-चपकी-बीजपुर मार्ग का निर्माण 36.75 करोड़ रुपये की लागत से कराया जाएगा। नधिरा-धरतिडाड मार्ग के निर्माण पर 1.20 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वाराणसी-शक्तिनगर स्टेट हाईवे के निर्माण के लिए 41.79 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।इसके अलावा डिबुलगंज-जोगेन्द्रा मार्ग का निर्माण 48.38 करोड़ रुपये, आरएस रोड से कोदरा टोला मार्ग का निर्माण 18.53 करोड़ रुपये और चोपन-कोटा-कोन-करौंदी मार्ग का निर्माण 55.50 करोड़ रुपये की लागत से कराया जाएगा।जिलाधिकारी ने बताया कि सड़क निर्माण से जुड़े विभागों ने सर्वे समेत अन्य आवश्यक कार्यों को तेजी से पूरा किया, जिसके परिणामस्वरूप जिले की छह सड़कों को स्वीकृति मिल सकी।कनेक्टिविटी से उद्योगों को लगेंगे ‘पंख’नई सड़कों के निर्माण से उद्योगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे कच्चे माल और तैयार उत्पादों की ढुलाई में लगने वाला समय कम होगा तथा परिवहन लागत यानी लॉजिस्टिक्स कॉस्ट में भी कमी आएगी। प्रशासन जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कराने की तैयारी में है।इन सड़कों का लाभ उद्योगों के साथ-साथ आम नागरिकों को भी मिलेगा। बेहतर सड़क सुविधा से यात्रा का समय घटेगा, दूरदराज के क्षेत्रों की पहुंच आसान होगी और मार्गों पर होने वाली दुर्घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है।पांच अन्य सड़कों के प्रस्ताव भी शासन को भेजे गएजिलाधिकारी ने बताया कि औद्योगिक लॉजिस्टिक योजना 2026-27 के तहत जिले की पांच अन्य सड़कों के निर्माण संबंधी प्रस्ताव भी शासन को भेजे गए हैं। इनमें डाला खन्ना कैंप से बिल्ली रोड तक टू-लेन सड़क, खड़िया से तेलगढ़वा पुल (शक्तिनगर बॉर्डर) तक टू-लेन सड़क, चुर्क सीमेंट फैक्ट्री तक आवागमन सुगम बनाने के लिए दो लिंक रोड तथा ओबरा डिग्री कॉलेज से नगर पंचायत कार्यालय, ओबरा तक सड़क निर्माण का प्रस्ताव शामिल है।इसके अतिरिक्त करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से मीना बाजार घुरमा फीडर से कुनिअवां टोला मार्ग के चौड़ीकरण का प्रस्ताव भी शासन को भेजा गया है। प्रशासन को इन प्रस्तावों को भी जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
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