3 लेखपाल महीनों बाद भी कार्यमुक्त न हुए, तहसीलदार ने डीएम को अवमुक्ति रोकने का पत्र भेजा
दुद्धी (सोनभद्र)।जिलाधिकारी के आदेश के तहत 23 जुलाई को अपर जिलाधिकारी ने दुद्धी तहसील के 11 लेखपालों का स्थानांतरण किया था। हालांकि इनमें से तीन लेखपालों को माहों बाद भी दुद्धी से कार्यमुक्त नहीं किया गया, जिससे अनुमानों और चर्चा का विषय बना कि संबंधित अधिकारियों ने अपने चहेते लेखपालों को कार्यमुक्त करने से जानबूझकर परहेज किया
7:08 AM, Aug 25, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Jitendra Kumar chandrwanshi

दुद्धी (सोनभद्र)।जिलाधिकारी के आदेश के तहत 23 जुलाई को अपर जिलाधिकारी ने दुद्धी तहसील के 11 लेखपालों का स्थानांतरण किया था। हालांकि इनमें से तीन लेखपालों को माहों बाद भी दुद्धी से कार्यमुक्त नहीं किया गया, जिससे अनुमानों और चर्चा का विषय बना कि संबंधित अधिकारियों ने अपने चहेते लेखपालों को कार्यमुक्त करने से जानबूझकर परहेज कियासमाचार प्रकाशन के बाद उपजिलाधिकारी ने मामले का संज्ञान लिया और तीनों लेखपालों को कार्यमुक्त कर दिया तथा उनके क्षेत्र का चार्ज नजदीकी लेखपाल को देने का निर्देश सुनिश्चित कराया। लेकिन कार्यमुक्ति के बाद तहसीलदार ने अन्य कार्यों का हवाला देते हुए उन लेखपालों के संबंध में जिलाधिकारी को तत्काल पत्र भेजकर उनकी अवमुक्ति स्थगित कराने की कार्रवाई आरंभ कर दी। इस कदम के बाद तहसील में फिर से चर्चाओं ने तेज रुख पकड़ लिया है और लोग आशंका जता रहे हैं कि चहेते लेखपालों को वापस तैनात कराने की साजिश चल रही है।स्थानीय लोगों में सवाल उठ रहे हैं कि ऐसी कौन सी खासीयत है जो तहसीलदार को इन लेखपालों से अलग होने से रोक रही है। वहीं इन लेखपालों के खिलाफ पहले भी कई शिकायतें जिलाधिकारी कार्यालय में प्रवेश कर चुकी हैं, जिनमें धन और अन्य प्रकार के आरोप शामिल हैं। दुद्धी तहसील में लगभग 85 लेखपाल और अन्य राजस्व निरीक्षक कार्यरत हैं, अतः अन्य कर्मचारियों को कार्यभार सौंपकर काम चलाया जा सकता है ,पर सवाल यह है कि चिन्हित लेखपालों के स्थानांतरण को रोकने का कारण क्या है। इस मामले मामले के स्पष्टीकरण में एसडीएम अशोक कुमार गुप्ता ने कहा कि शनिवार को लेखपालों को कार्यमुक्त कर दिया गया है।
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