दुद्धी में अपर आयुक्त का दौरा: बार एसोसिएशन ने सौंपा 6 सूत्रीय मांग पत्र, सर्वे प्रक्रिया में गड़बड़ी व भूमि विवाद उठे प्रमुख मुद्दे.
दुद्धी/सोनभद्र | संवाददाता: जितेन्द्र कुमार चन्द्रवंशी (ब्यूरो चीफ)
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3:27 PM, Feb 19, 2026
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Edited by: Ashish Gupta

दुद्धी/सोनभद्र | संवाददाता: जितेन्द्र कुमार चन्द्रवंशी (ब्यूरो चीफ)
विंध्याचल मंडल मिर्जापुर के अपर आयुक्त राजकुमार द्विवेदी का बुधवार सायं दुद्धी आगमन हुआ। पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस पहुंचने के उपरांत उन्होंने तहसील परिसर दुद्धी का मुआयना किया। तहसील पहुंचते ही उन्होंने उप जिलाधिकारी न्यायालय में लंबित पत्रावलियों का अवलोकन किया।
इस दौरान दुद्धी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेमचंद यादव एवं सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रभु सिंह के नेतृत्व में दर्जनों अधिवक्ताओं ने तहसील पहुंचकर संयुक्त बार एसोसिएशन के माध्यम से अपर आयुक्त को छः सूत्रीय मांग पत्र सौंपा।

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मांग पत्र के प्रमुख बिंदु:
- आराजी नंबर मिनजुमला गाटा के सीमांकन (फाट) में कठिनाई: सीमांकन की कार्रवाई में राजस्व कर्मियों द्वारा अनावश्यक विलंब किया जा रहा है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
- सीमांकन की समय-सीमा का पालन नहीं: राजस्व संहिता में सीमांकन एवं फाट की कार्रवाई हेतु समय-सीमा निर्धारित होने के बावजूद कर्मियों द्वारा इसका पालन नहीं किया जा रहा है।
- धारा 116 के आदेशों का अनुपालन नहीं: धारा 116 के अंतर्गत पारित आदेशों का अमलदरामद एवं कंप्यूटरीकृत खतौनी में अनुपालन लंबित है।
- धारा 30(2) की कार्रवाई हेतु जिला मुख्यालय की बाध्यता: कागजात संबंधी फाट कार्रवाई हेतु अधिवक्ताओं एवं वादकारियों को 80 किमी दूर जिला मुख्यालय सोनभद्र जाना पड़ता है, जिससे मुकदमों की प्रभावी पैरवी बाधित हो रही है। अधिवक्ताओं ने मांग की कि ऐसे मामलों की सुनवाई तहसील स्तर पर कराई जाए।
- असंक्रमणीय भूमिधर भूमि का संक्रमणीय दर्जा नहीं: मियाद पूर्ण होने के बाद भी असंक्रमणीय भूमिधर भूमि को संक्रमणीय नहीं किया जा रहा है, जिससे भू-स्वामियों को परेशानी हो रही है।
- सर्वे प्रक्रिया में भूमि का अन्य के नाम दर्ज होना: आदिवासी बाहुल्य तहसील दुद्धी में सर्वे के दौरान कब्जे कास्त की भूमि अन्य व्यक्तियों के नाम दर्ज कर दी गई, जो भूमि विवाद का प्रमुख कारण बन रही है। आरोप है कि बाहरी अधिकारी बिना स्थानीय स्थिति समझे पुलिस या धनबल के आधार पर नामांतरण करा देते हैं, जिससे गरीबों की जमीन हड़पी जा रही है।

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पूर्व बार अध्यक्ष रामपाल जौहरी (एडवोकेट) ने मांग पत्र का वाचन किया, वहीं पूर्व अध्यक्ष कुलभूषण पांडे (एडवोकेट) ने अंश निर्धारण में लेखपालों की लापरवाही की ओर ध्यान आकर्षित किया, जिससे कार्यों में अनावश्यक विलंब हो रहा है।
🏛️ नगर पंचायत कार्यालय का निरीक्षण
देर शाम अपर आयुक्त ने नगर पंचायत दुद्धी कार्यालय का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के कड़ाई से अनुपालन के निर्देश दिए। राजस्व एवं नगर पंचायत विभाग में पत्रावलियों के अवलोकन के दौरान कुछ गड़बड़ियां पाए जाने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों से 15 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए तथा संतोषजनक जवाब न मिलने पर दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
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निरीक्षण के दौरान विभिन्न फाइलों एवं रजिस्टरों का सूक्ष्म मूल्यांकन किया गया। अधिवक्ताओं एवं सभासदों ने भी अपर आयुक्त के समक्ष स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से रखा।
इस मौके पर तहसील के दर्जनों अधिवक्तागण एवं नगर पंचायत के सभासदगण उपस्थित रहे।






