इंटरलॉकिंग निर्माण में अनियमितता का आरोप, ग्रामीणों में भारी आक्रोश
जिला पंचायत मद से कामेश्वर जायसवाल के घर से पांडु नदी तक लगभग 300 मीटर लंबी इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों की अनदेखी की जा रही है, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका बढ़ गई है।
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12:26 PM, Jun 17, 2026
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Edited By: Ashish Gupta , Reported By: Jitendra Chandravanshi

Photo : Sonprabhat News
कोन (सोनभद्र)। विकास खंड कोन के जिला पंचायत क्षेत्र कचनरवा में कराए जा रहे इंटरलॉकिंग निर्माण कार्य में भारी अनियमितता और गुणवत्ता में कमी का मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों ने निर्माण कार्य को मानकों के विपरीत बताते हुए संबंधित अधिकारियों से जांच और कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार जिला पंचायत मद से कामेश्वर जायसवाल के घर से पांडु नदी तक लगभग 300 मीटर लंबी इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों की अनदेखी की जा रही है, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका बढ़ गई है।
ग्रामीण अजय जायसवाल एवं अन्य स्थानीय लोगों का कहना है कि इंटरलॉकिंग ईंट बिछाने से पूर्व न तो आवश्यक मात्रा में गिट्टी डाली जा रही है और न ही बालू का समुचित प्रयोग किया जा रहा है। आरोप है कि बिना मजबूत बेस तैयार किए सीधे सीमेंटेड ईंटें बिछाई जा रही हैं। इसके अलावा सड़क के किनारों की दीवार (साइड वॉल) को भी भस्सी से जोड़ा जा रहा है, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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मौके पर उपस्थित अवर अभियंता (जेई) प्रदीप यादव की मौजूदगी में निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच की गई। जांच के दौरान कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया। इस पर जेई ने संबंधित ठेकेदार को निर्माण कार्य को मानक के अनुरूप कराने तथा आवश्यकतानुसार पुनः नए सिरे से कार्य कराने के निर्देश दिए।
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स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी एवं अपर मुख्य अधिकारी (जिला पंचायत) का ध्यान इस मामले की ओर आकृष्ट कराते हुए निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित कराने की मांग की है।
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इस अवसर पर कामेश्वर जायसवाल, अजय जायसवाल, सुनील जायसवाल, विनय, संतोष जायसवाल, जगदीश शर्मा सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे।
वहीं, इस संबंध में अपर मुख्य अधिकारी (जिला पंचायत) ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी तथा यदि अनियमितता पाई गई तो संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।






