रेफर के बाद दो घंटे तक नहीं मिली एंबुलेंस, प्रसूता की मौत
जुगैल (सोनभद्र)। स्थानीय क्षेत्र के पचपेड़िया स्थित उच्च प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के बाद अत्यधिक रक्तस्राव से 39 वर्षीय सुनीता देवी की मौत हो गई। वह बहेराडाड़ गांव के वार्ड पांच की सदस्य भी थीं।
7:04 AM, Sep 14, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

मृत बच्चा पैदा होने के बाद बिगड़ी हालत, परिजनों का आरोप-समय पर वाहन मिलता तो बच सकती थी जानजुगैल (सोनभद्र)। स्थानीय क्षेत्र के पचपेड़िया स्थित उच्च प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के बाद अत्यधिक रक्तस्राव से 39 वर्षीय सुनीता देवी की मौत हो गई। वह बहेराडाड़ गांव के वार्ड पांच की सदस्य भी थीं। परिजनों का आरोप है कि हालत गंभीर होने पर अस्पताल से रेफर किए जाने के बाद करीब दो घंटे तक एंबुलेंस या कोई अन्य वाहन नहीं मिल सका। समय पर वाहन उपलब्ध हो जाता तो संभवतः उनकी जान बचाई जा सकती थी।जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम प्रसव पीड़ा होने पर परिजन सुनीता देवी को निजी वाहन से पचपेड़िया स्थित स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। वहां मौजूद एएनएम और आशा कार्यकर्ता सविता ने उन्हें भर्ती कराया। रात करीब 10 बजे प्रसव हुआ, जिसमें बच्चा मृत पैदा हुआ।प्रसव के बाद सुनीता को अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा। रक्तस्राव रोकने के लिए चिकित्सकों ने इंजेक्शन दिया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद चिकित्सक ने उन्हें रेफर कर दिया। परिजनों के मुताबिक, रेफर किए जाने के बाद वे तत्काल वाहन की तलाश में जुट गए, लेकिन अस्पताल में न तो एंबुलेंस उपलब्ध थी और न ही कोई अन्य वाहन।परिजनों का कहना है कि करीब दो घंटे तक वाहन की तलाश के दौरान सुनीता की हालत लगातार बिगड़ती गई। रात करीब ढाई बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। इसके करीब आधे घंटे बाद, रात तीन बजे परिजन जुगैल खास से निजी वाहन लेकर अस्पताल पहुंचे, लेकिन तब तक महिला की मौत हो चुकी थी। इसके बाद परिजन शव लेकर घर चले गए।मृतका के पांच बच्चे हैं। घटना के संबंध में परिजनों की ओर से पुलिस को फिलहाल कोई तहरीर नहीं दी गई है।नेटवर्क की समस्या का बताया कारणमुख्य चिकित्साधिकारी डा. रमेश कुमार मिश्रा ने कहा कि जुगैल क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क की समस्या रहती है। संभव है कि इसी वजह से एंबुलेंस सेवा से संपर्क करने में परेशानी हुई हो। हालांकि, मामले में समय पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने के परिजनों के आरोप ने स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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