डगडहरा जंगल दुष्कर्म मामले में बड़ा फैसला: दोषी को शेष जीवन तक कठोर आजीवन कारावास, पीड़िता को मुआवज़ा
सोनभद्र। Rajesh Pathak - Sonprabhat News
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3:16 PM, Feb 2, 2026
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Edited by: Ashish Gupta

सोनभद्र। Rajesh Pathak - Sonprabhat News
करीब साढ़े सात वर्ष पूर्व डगडहरा जंगल में गाय चराने गई 12 वर्ष 3 माह की नाबालिग लड़की के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में न्यायालय ने कड़ा फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) अमित वीर सिंह की अदालत ने सोमवार को दोषसिद्ध पाए गए अभियुक्त जगनारायण खरवार को उसके शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही अभियुक्त पर एक लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर उसे छह माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की राशि में से 80 हजार रुपये पीड़िता को मुआवज़े के रूप में दिए जाएंगे।
मामले का विवरण अभियोजन पक्ष के अनुसार, ओबरा थाना क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता की मां ने 23 जुलाई 2018 को ओबरा थाने में तहरीर दी थी। तहरीर में बताया गया कि 22 जुलाई 2018 को शाम करीब 4 बजे उसकी नाबालिग बेटी गाय चराने के लिए डगडहरा जंगल गई थी। इसी दौरान जंगल में अकेला पाकर अभियुक्त जगनारायण खरवार पुत्र रामदेव, निवासी पनारी टोला सेमरतर, थाना ओबरा, जिला सोनभद्र ने जबरन दुष्कर्म किया और जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गया।
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जांच और चार्जशीट तहरीर के आधार पर ओबरा पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू की। जांच के दौरान पीड़िता के बयान, चिकित्सीय साक्ष्य सहित अन्य महत्वपूर्ण प्रमाण जुटाए गए। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर विवेचक द्वारा अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई।
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अदालत की सुनवाई मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनीं, आठ गवाहों के बयान , चिकित्सीय रिपोर्ट तथा पत्रावली का अवलोकन किया। साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए कठोर दंड आवश्यक माना।
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अभियोजन की ओर से पैरवी अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील दिनेश प्रसाद अग्रहरि, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और नीरज कुमार सिंह ने प्रभावी बहस की।
न्याय का संदेश अदालत के इस फैसले को नाबालिगों के विरुद्ध यौन अपराधों पर सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि ऐसे मामलों में दोषियों को कानून के तहत कठोरतम सजा दी जाएगी।






