नियमित नौकरी का झांसा देकर संविदा स्वास्थ्यकर्मियों से पांच लाख की ठगी, दो पर मुकदमा दर्ज
नियमित नौकरी का झांसा देकर संविदा स्वास्थ्यकर्मियों से पांच लाख की ठगी, दो पर मुकदमा दर्ज
9:43 PM, Jul 9, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

सोनभद्र। स्वास्थ्य विभाग में नियमित नियुक्ति दिलाने का झांसा देकर संविदा स्वास्थ्यकर्मियों से करीब पांच लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग के ही एक कर्मचारी ने पीड़ितों की मुलाकात आरोपियों से कराई थी। आरोपियों में से एक ने खुद को भाजपा नेता बताते हुए ऊंची पहुंच का दावा किया और नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया। रुपये वापस मांगने पर गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी देने और आईजीआरएस शिकायत को भी दबाव बनाकर निस्तारित कराने का आरोप लगाया गया है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देश पर रॉबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।पीड़िता तारा शर्मा, पत्नी अजीत शर्मा, निवासी तरावां ने 29 जून को पुलिस अधीक्षक को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह स्वास्थ्य विभाग में संविदा पर कार्यरत हैं। विभाग में कार्यरत चोपन थाना क्षेत्र के सलखन निवासी पल्लव विश्वास ने उनकी मुलाकात रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के मड़रा गांव निवासी अनिल भारती तथा लसड़ा निवासी आलोक मिश्रा से कराई थी।पीड़िता के अनुसार, दोनों आरोपियों ने स्वास्थ्य विभाग में नियमित नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया और अन्य संविदा कर्मियों को भी इसी तरह का प्रलोभन दिया। उनकी बातों पर विश्वास कर पीड़िता और एक अन्य संविदाकर्मी आर्यन ने आरोपियों को करीब पांच लाख रुपये दिए। इसमें 37 हजार रुपये नकद तथा शेष राशि ऑनलाइन माध्यम से भेजी गई।रुपये लेने के बाद आरोपियों ने शैक्षणिक प्रमाणपत्र भी अपने पास ले लिए और जनवरी 2026 तक नियमित नियुक्ति कराने का आश्वासन दिया। तय समय तक नौकरी नहीं मिलने पर जब पीड़ितों ने अपने रुपये वापस मांगे तो आरोपियों ने कथित तौर पर गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी।पीड़िता का आरोप है कि उसने आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन उस पर दबाव बनाकर शिकायत का निस्तारण दर्शाते हुए हस्ताक्षर करा लिए गए।रॉबर्ट्सगंज कोतवाली प्रभारी रामस्वरूप वर्मा ने बताया कि तहरीर के आधार पर अनिल भारती और आलोक मिश्रा के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है तथा जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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