Court news:मारकुंडी घाटी में दम्पति की संदिग्ध मौत के मामले में बड़ा आदेश, चार लोगों पर FIR के निर्देश
सोनभद्र। मारकुंडी घाटी में करीब तीन माह पूर्व संदिग्ध परिस्थितियों में हुई राहुल यादव और उसकी पत्नी इंद्रावती उर्फ इंदु उर्फ चंदा की मौत के मामले में न्यायालय ने अहम आदेश दिया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) पंकज की अदालत ने चोपन थानाध्यक्ष को दम्पति समेत चार लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना करने अथवा कराने का निर्देश दिया है।
8:22 PM, Oct 21, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

सीजेएम कोर्ट ने चोपन थानाध्यक्ष को एक सप्ताह में कार्रवाई की रिपोर्ट देने को कहा करीब तीन माह पुराने मामले
हत्या की आशंका जताते हुए मृतक के पिता ने दाखिल की थी अर्जी
सोनभद्र। मारकुंडी घाटी में करीब तीन माह पूर्व संदिग्ध परिस्थितियों में हुई राहुल यादव और उसकी पत्नी इंद्रावती उर्फ इंदु उर्फ चंदा की मौत के मामले में न्यायालय ने अहम आदेश दिया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) पंकज की अदालत ने चोपन थानाध्यक्ष को दम्पति समेत चार लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना करने अथवा कराने का निर्देश दिया है। साथ ही एक सप्ताह के भीतर की गई कार्रवाई से न्यायालय को अवगत कराने का आदेश दिया है।यह आदेश रॉबर्ट्सगंज थाना क्षेत्र के तिरनाही गांव निवासी मृतक राहुल यादव के पिता बुल्लू यादव की ओर से वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता रोशनलाल यादव के माध्यम से दाखिल भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 173(4) के तहत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद दिया गया।
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शादी के दो महीने बाद मिली थी पति-पत्नी की लाश
प्रार्थना पत्र के मुताबिक, बुल्लू यादव के इकलौते पुत्र राहुल यादव की शादी 6 मई 2026 को चोपन थाना क्षेत्र के बरवा टोला सलखन निवासी बबुन्दर यादव की पुत्री इंद्रावती उर्फ इंदु उर्फ चंदा से हुई थी। आरोप है कि चंदा शादी से पहले करीब पांच वर्षों तक डॉ. राम भरोसे उर्फ राजबीर के निजी अस्पताल में नर्स के रूप में काम करती थी। बाद में वह रॉबर्ट्सगंज स्थित दूसरे अस्पताल में नौकरी करने लगी।शिकायतकर्ता के अनुसार, चंदा करीब 10 दिन ही ससुराल में रही। इसके बाद वह सलखन से ही रोजाना रॉबर्ट्सगंज अस्पताल आती-जाती थी। राहुल उसे ससुराल से मिली बाइक से अस्पताल छोड़ने जाता था।
धमकी मिलने का भी लगाया आरोप
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बुल्लू यादव ने आरोप लगाया है कि घटना से कुछ दिन पहले राहुल को चंदा पर अधिक निगरानी रखने को लेकर धमकी मिली थी। राहुल ने इसकी जानकारी अपनी मां को भी दी थी। शिकायत के मुताबिक, धमकी के बाद राहुल डर के कारण कभी-कभी ही चंदा को अस्पताल छोड़ने जाने लगा था।आरोप है कि 8 जुलाई 2026 को राहुल चंदा से मिलने की बात कहकर घर से निकला, लेकिन शाम तक वापस नहीं लौटा। इसके बाद 12 जुलाई 2026 को सूचना मिली कि राहुल और चंदा के शव मारकुंडी घाटी में मिले हैं।शिकायतकर्ता का दावा है कि घटनास्थल पर बाइक पर खरोंच तक नहीं थी, जबकि दोनों के शव जले हुए थे। इन परिस्थितियों के आधार पर उसने दोनों की हत्या किए जाने की आशंका जताई है।
शादी से पहले भी धमकाने का आरोप
प्रार्थना पत्र में विकास सिंह पटेल निवासी सलखन पर आरोप लगाया गया है कि उसने शादी से पहले चंदा की आपत्तिजनक तस्वीर वायरल की थी और राहुल से शादी करने पर बुरा अंजाम भुगतने की धमकी दी थी। शिकायतकर्ता ने डॉ. राम भरोसे उर्फ राजबीर पर भी राहुल को शादी न करने की धमकी देने का आरोप लगाया है।इसके अलावा बबलू यादव और उसकी पत्नी सविता यादव पर भी धमकी देने का आरोप लगाया गया है। मृतक के पिता ने इन चारों को मामले में आरोपी बताते हुए दोनों की हत्या किए जाने की आशंका जताई है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि पुलिस विवेचना के बाद ही हो सकेगी।
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बुल्लू यादव के मुताबिक, घटना के बाद उसने चोपन थाने में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की थी। आरोप है कि थाना स्तर पर सुनवाई नहीं होने पर उसने पुलिस अधीक्षक, सोनभद्र को भी रजिस्टर्ड डाक से प्रार्थना पत्र भेजा, लेकिन इसके बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने वरिष्ठ अधिवक्ता रोशनलाल यादव के तर्कों को सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद मामले को गंभीर प्रकृति का माना। न्यायालय ने प्रकरण में पुलिस विवेचना आवश्यक समझते हुए प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया।अदालत ने चोपन थानाध्यक्ष को दम्पति समेत चार लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर विवेचना करने अथवा कराने और एक सप्ताह के भीतर की गई कार्रवाई से न्यायालय को अवगत कराने का निर्देश दिया है।






