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Court news:नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी कमलेश मौर्य को 10 साल की कठोर कैद

सोनभद्र। नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) ओमकार शुक्ला की अदालत ने गुरुवार को दोषी कमलेश मौर्य को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने दोषी पर कुल 46 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।

8:28 PM, Oct 15, 2026

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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

Court news:नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी कमलेश मौर्य को 10 साल की कठोर कैद
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सोन प्रभात लाइव न्यूज़ डेस्क


46 हजार रुपये का अर्थदंड, पीड़िता को प्रतिकर और पुनर्वास सहायता देने का भी आदेशसोनभद्र। नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) ओमकार शुक्ला की अदालत ने गुरुवार को दोषी कमलेश मौर्य को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने दोषी पर कुल 46 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर उसे अलग-अलग धाराओं में अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। न्यायालय ने सभी सजाओं को साथ-साथ चलाने का आदेश दिया है। साथ ही, पीड़िता को नियमानुसार प्रतिकर और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से पुनर्वास सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।घर में घुसकर दुष्कर्म करने का आरोपअभियोजन पक्ष के अनुसार, 4 जुलाई 2019 की अर्द्धरात्रि में कमलेश मौर्य पुत्र विजय मौर्य, निवासी भटौलिया, थाना रॉबर्ट्सगंज, जिला सोनभद्र, पीड़िता के घर में घुसा और उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोप है कि विरोध करने और शोर मचाने पर उसने पीड़िता तथा उसके परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी। मामले में 9 जुलाई 2019 को रॉबर्ट्सगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। विवेचना पूरी होने के बाद 26 सितंबर 2019 को पुलिस ने न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया।तीन धाराओं में सुनाई गई सजान्यायालय ने भारतीय दंड संहिता की धारा 376 के तहत 10 वर्ष का कठोर कारावास और 25 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 452 के तहत पांच वर्ष का कठोर कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 506 के तहत एक वर्ष का कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड जमा नहीं करने पर संबंधित धाराओं में क्रमशः पांच माह, चार माह और एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।अदालत ने तीनों सजाओं को साथ-साथ चलाने का आदेश दिया है। इसके चलते कारावास की सजाएं एक के बाद एक नहीं, बल्कि एक ही अवधि में साथ चलेंगी। दोषी द्वारा जेल में बिताई गई अवधि को नियमानुसार सजा में समायोजित किया जाएगा।पीड़िता को मिलेगी पुनर्वास सहायतान्यायालय ने पीड़िता को नियमानुसार प्रतिकर उपलब्ध कराने और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से पुनर्वास सहायता दिलाने का भी आदेश पारित किया है। मामले में राज्य की ओर से विशेष लोक अभियोजक दिनेश प्रसाद अग्रहरि और नीरज कुमार सिंह ने प्रभावी पैरवी की।

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