Crime news:चोपन सी एस सी में गर्भवती महिला और गर्भस्थ शिशु की मौत
सोनभद्र। चोपन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शुक्रवार को गंभीर हालत में इलाज के लिए पहुंची 18 वर्षीय गर्भवती महिला और उसके गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई। डाला चढ़ाई निवासी धीरज की पत्नी निर्जला को परिजन रक्तस्राव की शिकायत के बाद सुबह सीएचसी लेकर पहुंचे थे।
7:39 AM, Sep 26, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Anil Kumar agrahari

हीमोग्लोबिन महज पांच ग्राम, रक्तस्राव से थी गंभीर हालत; एंबुलेंस पहुंचने से पहले तोड़ा दम
सोनभद्र। चोपन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शुक्रवार को गंभीर हालत में इलाज के लिए पहुंची 18 वर्षीय गर्भवती महिला और उसके गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई। डाला चढ़ाई निवासी धीरज की पत्नी निर्जला को परिजन रक्तस्राव की शिकायत के बाद सुबह सीएचसी लेकर पहुंचे थे। चिकित्सकीय जांच में उसका हीमोग्लोबिन महज पांच ग्राम पाया गया।
स्वास्थ्यकर्मियों के अनुसार महिला को लगातार रक्तस्राव हो रहा था और गर्भस्थ शिशु की हार्ट बीट भी बेहद कमजोर थी।मौके पर मौजूद चिकित्सक डा. तान्या ने महिला की पूर्व की जांच रिपोर्ट और टीकाकरण कार्ड की जानकारी लेने के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए हीमोग्लोबिन की जांच कराई। रिपोर्ट आने पर स्थिति बेहद गंभीर पाई गई।
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चिकित्सक की ओर से महिला को तत्काल उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर करने की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन एंबुलेंस पहुंचने से पहले ही महिला ने दम तोड़ दिया।पांच ग्राम मिला हीमोग्लोबिनस्वास्थ्यकर्मियों के मुताबिक महिला का हीमोग्लोबिन करीब पांच ग्राम था। इसके साथ ही उसे रक्तस्राव की समस्या थी। गर्भस्थ शिशु की धड़कन की जांच करने पर हार्ट बीट बेहद कमजोर मिली। गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे उच्च केंद्र भेजने की तैयारी की गई थी।
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एंबुलेंस पहुंचने से पहले मौत अस्पताल कर्मियों का कहना है कि महिला को तत्काल रेफर किया जा रहा था, लेकिन एंबुलेंस पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। महिला और गर्भस्थ शिशु की मौत के बाद गंभीर मरीजों, विशेषकर गर्भवती महिलाओं के लिए सीएचसी स्तर पर तत्काल जीवनरक्षक उपचार, रक्त की उपलब्धता और त्वरित रेफरल व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।अधीक्षक बैठक के लिए जा रहे थे राबर्ट्सगंज मामले में सीएचसी अधीक्षक डा. सुभाष से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वह बैठक के लिए राबर्ट्सगंज जा रहे हैं।
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वहीं अस्पताल कर्मियों के अनुसार डा. तान्या की ड्यूटी पूरी होने के बाद वह भी राबर्ट्सगंज स्थित अपने आवास चली गईं।फिलहाल महिला और उसके गर्भस्थ शिशु की मौत के बाद परिजनों में शोक का माहौल है। मामले में अस्पताल स्तर पर उपलब्ध उपचार, रेफरल और एंबुलेंस व्यवस्था को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।






