युवाओं को रोजगार, मरीजों को बेहतर इलाज और व्यापारियों को जीएसटी राहत की मांग
सोनभद्र:कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को उद्योग बंधु एवं व्यापार बंधु की बैठक अपर जिलाधिकारी रमेश चंद्र की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक का संचालन उपायुक्त उद्योग विनोद कुमार चौधरी ने किया। बैठक में उद्योग, व्यापार, रोजगार, स्वास्थ्य, विद्युत आपूर्ति और जीएसटी से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई
7:52 PM, Sep 29, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

सोनभद्र: कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को उद्योग बंधु एवं व्यापार बंधु की बैठक अपर जिलाधिकारी रमेश चंद्र की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक का संचालन उपायुक्त उद्योग विनोद कुमार चौधरी ने किया। बैठक में उद्योग, व्यापार, रोजगार, स्वास्थ्य, विद्युत आपूर्ति और जीएसटी से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन सोनभद्र के जिलाध्यक्ष कौशल शर्मा ने कहा कि सोनभद्र में उद्योग और खनिज संपदा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है, लेकिन इसके बावजूद स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर अपेक्षाकृत सीमित हैं। उन्होंने जिला स्तर पर "सोनभद्र रोजगार मिशन" गठित करने का सुझाव दिया। इसके तहत अगले वर्ष तक स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के लक्ष्य निर्धारित किए जाने की बात कही।कौशल शर्मा ने रोजगार मिशन का प्रारंभिक एक्शन रोडमैप अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन के रूप में सौंपते हुए कहा कि पहले चरण में कम से कम 1000 रोजगार एवं प्रशिक्षु अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखा जा सकता है।
इसके लिए व्यापारिक प्रतिष्ठानों, उद्योगों, अस्पतालों, होटल-रेस्टोरेंट, परिवहन, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल-कंप्यूटर, निर्माण सामग्री, सर्विस सेंटर, लॉजिस्टिक्स, ई-कॉमर्स सहित अन्य व्यवसायों में उपलब्ध और संभावित रिक्तियों को चिन्हित करने का सुझाव दिया गया।अल्ट्रासाउंड के लिए डेढ़ महीने तक इंतजार का मुद्दा उठाबैठक में मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी गंभीर मुद्दे उठाए गए। शर्मा ने कहा कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच के लिए मरीजों को एक से डेढ़ महीने तक इंतजार करना पड़ रहा है। तीन मशीनें उपलब्ध होने के बावजूद रेडियोलॉजिस्ट की कमी के कारण प्रतिदिन करीब 40 जांच ही हो पा रही हैं, जिसके चलते बड़ी संख्या में मरीजों को वापस लौटना पड़ रहा है।उन्होंने 25 सितंबर को आंधी-बारिश के दौरान मेडिकल कॉलेज के ए और सी ब्लॉक में पूरी रात बिजली आपूर्ति बाधित रहने का मुद्दा भी उठाया।
उन्होंने कहा कि बिजली न रहने से मरीजों और तीमारदारों को काफी परेशानी हुई। सबसे अधिक दिक्कत इमरजेंसी वार्ड में हुई। अगले दिन भी बिजली ट्रिपिंग की समस्या बनी रही। जनरेटर और इनवर्टर से व्यवस्था चलाने का प्रयास किया गया, लेकिन वह पूरा लोड नहीं उठा सके।शर्मा ने मेडिकल कॉलेज में निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए डेडीकेटेड फीडर, डीजी बैकअप और ऑटोमेटिक चेंजओवर की स्थायी व्यवस्था किए जाने की मांग की, ताकि आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं बिजली कटौती के कारण प्रभावित न हों।पुराने जिला अस्पताल भवन में 24 घंटे चिकित्सा सुविधा शुरू करने की मांगबैठक में पुराने जिला चिकित्सालय भवन को जल्द दुरुस्त कराकर वहां 24 घंटे चिकित्सा सुविधा शुरू करने की मांग भी उठी। शर्मा ने कहा कि लंबे समय से इस मांग को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं।
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मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की ओर से पुराने जिला चिकित्सालय भवन को चिकित्सा विभाग को हैंडओवर किया जा चुका है। भवन के मरम्मत कार्य के लिए एनसीएल की ओर से सीएसआर मद से धन उपलब्ध कराने पर सहमति भी मिल चुकी है।उन्होंने मांग की कि पुराने जिला चिकित्सालय भवन का कार्य शीघ्र पूरा कर वहां प्रसव केंद्र, अर्बन पीएचसी और 24 घंटे आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था शुरू की जाए।मेडिकल कॉलेज में जेबकतरों की सक्रियता का मुद्दा भी उठा शर्मा ने कहा कि इन दिनों मेडिकल कॉलेज परिसर में जेबकतरों की सक्रियता की शिकायतें सामने आ रही हैं। इलाज कराने आने वाले गरीब मरीजों की जेब कटने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किए जाने की आवश्यकता जताई।
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जीएसटी में सुनवाई का अवसर देने की मांगबैठक में वाणिज्य कर विभाग से संबंधित मामलों पर भी चर्चा हुई। कौशल शर्मा ने अधिकारियों का ध्यान उत्तर प्रदेश वाणिज्य कर विभाग के आयुक्त डॉ. नितिन बंसल के निर्देशों की ओर आकृष्ट कराया। उन्होंने कहा कि प्रतिकूल आदेश पारित करने से पहले व्यापारी को सुनवाई का अवसर दिया जाना चाहिए तथा जीएसटी अधिनियम की धारा 75(4) और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत का पालन किया जाना चाहिए।उन्होंने रिट टैक्स संख्या 1180/2023, सर्वश्री विश्वनाथ ट्रेडर्स, रिट टैक्स संख्या 303/2024, सर्वश्री महावीर ट्रेडिंग कंपनी तथा रिट संख्या 672/2024, एनएस एग्रो एंड इंजीनियरिंग प्रोडक्ट से संबंधित मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के निर्णयों में फील्ड स्तर पर उत्तर प्रदेश जीएसटी अधिनियम की धारा 75(4) के अनुपालन को लेकर स्थिति पर ध्यान दिया गया है।उन्होंने कहा कि राज्यकर आयुक्त ने सभी अधिकारियों को उत्तर प्रदेश माल एवं सेवा कर अधिनियम की धारा 75(4) के प्रावधानों और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
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बैठक में नागेंद्र मोदनवाल, विनय जायसवाल, विवेक कुमार सिंह, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के नरेंद्र कुमार गर्ग, विमल अग्रवाल, नवल बाजपेई, चंदन केसरी, प्रमोद गुप्ता, अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के धीरेंद्र जायसवाल, हाजी सलीम सहित विभिन्न व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारी और जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।






