दुद्धी नगर स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग तेज, आंदोलन की चेतावनी
दुद्धी (सोनभद्र)। देश के चार राज्यों को जोड़ने वाले प्रमुख रेल मार्ग पर स्थित दुद्धीनगर रेलवे स्टेशन आज भी यात्री सुविधाओं के अभाव और एक्सप्रेस ट्रेनों के सीमित ठहराव के कारण क्षेत्रवासियों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है
6:53 AM, Sep 9, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Jitendra Kumar chandrwanshi

दुद्धी (सोनभद्र)। देश के चार राज्यों को जोड़ने वाले प्रमुख रेल मार्ग पर स्थित दुद्धीनगर रेलवे स्टेशन आज भी यात्री सुविधाओं के अभाव और एक्सप्रेस ट्रेनों के सीमित ठहराव के कारण क्षेत्रवासियों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। इस रेल मार्ग से रोजाना दर्जनों लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनें गुजरती हैं, लेकिन दुद्धीनगर स्टेशन पर कई महत्वपूर्ण ट्रेनों का ठहराव नहीं होने से यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।दुद्धी तहसील मुख्यालय, न्यायालय, आईटीआई, डिग्री कॉलेज, इंटर कॉलेज सहित दर्जनों सरकारी और अर्धसरकारी कार्यालयों का प्रमुख केंद्र है। यहां बड़ी संख्या में कर्मचारी, विद्यार्थी, अधिवक्ता, व्यापारी और आम नागरिक प्रतिदिन आवागमन करते हैं। ऐसे में लंबी दूरी की यात्रा के लिए प्रमुख ट्रेनों का ठहराव नहीं होने से क्षेत्रवासियों को दूसरे स्टेशनों पर निर्भर रहना पड़ता है।स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि दुद्धीनगर स्टेशन पर प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग लंबे समय से की जा रही है। इस संबंध में सांसद, विधायक और रेलवे प्रशासन को कई बार आवेदन एवं ज्ञापन भी सौंपे जा चुके हैं, लेकिन अब तक आश्वासन के अलावा कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। लोगों का कहना है कि कई महत्वपूर्ण ट्रेनें स्टेशन के सामने से होकर गुजर जाती हैं, लेकिन ठहराव नहीं होने के कारण यात्री उनका लाभ नहीं उठा पाते।क्षेत्रवासियों के अनुसार इस रेल मार्ग से 11632 भोपाल एक्सप्रेस, 12873 झारखंड स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस, 08611 अजमेर एक्सप्रेस, 12453 राजधानी एक्सप्रेस, 13025 हावड़ा-भोपाल एक्सप्रेस, 19607 कोलकाता एक्सप्रेस, 18009 संतरागाछी एक्सप्रेस और 19414 कोलकाता-अजमेर एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनें गुजरती हैं। इनमें विशेष रूप से 11632 भोपाल एक्सप्रेस और 12873 झारखंड स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस के दुद्धीनगर स्टेशन पर ठहराव की मांग लंबे समय से की जा रही है।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इन प्रमुख ट्रेनों का ठहराव दुद्धीनगर में सुनिश्चित कर दिया जाए तो दुद्धी तहसील सहित आसपास के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के हजारों यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा में बड़ी राहत मिल सकती है। इससे क्षेत्र की आर्थिक और शैक्षणिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।क्षेत्रीय जनता ने रेल मंत्रालय और डीआरएम धनबाद से मामले को जनहित से जुड़ा मानते हुए शीघ्र ठोस निर्णय लेने की मांग की है। लोगों का कहना है कि वर्षों से चली आ रही मांग पर यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्रवासी आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी रेल प्रशासन की होगी।
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