दुद्धी को जिला बनाने की मांग तेज, 83 वर्षीय वरिष्ठ अधिवक्ता बजरंग लाल उपाध्याय भी संघर्ष मोर्चा के प्रदर्शन में हुए शामिल
‘दुद्धी को जिला बनाओ, विकास कराओ’ के नारों से गूंजा मुंसिफ कोर्ट गेट, सर्वांगीण विकास के लिए हर कीमत चुकाने को तैयार संघर्ष मोर्चा
duddhi
2:23 PM, Oct 17, 2026
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Edited By: Ashish Gupta , Reported By: Jitendra Kumar Chandravanshi

Photo : Sonprabhat News
दुद्धी, सोनभद्र। दुद्धी को जिला बनाने की दशकों पुरानी मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। विधानसभा चुनाव की आहट के बीच जिला बनाओ संघर्ष मोर्चा ने शनिवार को दुद्धी मुंसिफ कोर्ट के मुख्य गेट पर प्रदर्शन कर ‘दुद्धी को जिला बनाओ, विकास कराओ’ का नारा बुलंद किया। प्रदर्शन में 83 वर्षीय वरिष्ठ अधिवक्ता बजरंग लाल उपाध्याय की सहभागिता ने आंदोलन को नई ऊर्जा दी। संघर्ष मोर्चा ने स्पष्ट किया कि आदिवासी बाहुल्य दुद्धी क्षेत्र के सर्वांगीण विकास और जनता के अधिकारों के लिए वह हर कीमत चुकाने को तैयार है।
सस्ता और सुलभ न्याय सहित बुनियादी सुविधाओं की मांग
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि दुद्धी क्षेत्र के लोगों को जिला मुख्यालय से जुड़ी विभिन्न प्रशासनिक और न्यायिक सुविधाओं के लिए लगभग 150 किलोमीटर तक की दूरी तय करनी पड़ती है। इससे गरीब, आदिवासी, शोषित, वंचित और पिछड़े वर्गों को आर्थिक एवं शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जिला बनने से लोगों को स्थानीय स्तर पर न्याय, प्रशासनिक सुविधाओं, रोजगार और विकास के नए अवसर मिलने की उम्मीद है।
संघर्ष मोर्चा ने सड़क, सुरक्षा, उच्च शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता पर भी जोर दिया। क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज और समुचित चिकित्सा सुविधाओं के अभाव को गंभीर समस्या बताते हुए कहा गया कि बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था के अभाव में लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। दुद्धी को जिला बनाने की मांग को क्षेत्र की बुनियादी जरूरतों और जनहित से जुड़ा मुद्दा बताया गया।
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‘सर्वांगीण विकास के बिना लोकतंत्र में न्याय की कल्पना अधूरी’
प्रदर्शन के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता बजरंग लाल उपाध्याय ने कहा कि क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के बिना संपूर्ण न्याय और अधिकारों पर आधारित लोकतंत्र की स्वस्थ परिकल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि स्टेट का दर्जा प्राप्त रहा दुद्धी आज भी जिला बनाए जाने के लिए संघर्ष कर रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
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उन्होंने सरकार से चुनावी वादों को पूरा करने और पिछली गलतियों को सुधारते हुए दुद्धी को शीघ्र जिला घोषित करने की मांग की। उनके अनुसार, सोन नदी के दक्षिण में लगभग 18 से 20 लाख की आबादी निवास करती है। इस विशाल क्षेत्र की जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए अलग जिला बनाए जाने की मांग पर गंभीरता से विचार करना आवश्यक है।
क्षेत्रफल और भौगोलिक परिस्थितियों का दिया हवाला
संघर्ष मोर्चा ने सोनभद्र के भौगोलिक विस्तार और दुद्धी क्षेत्र की विशिष्ट परिस्थितियों को जिला बनाए जाने के पक्ष में महत्वपूर्ण आधार बताया। वक्ताओं के अनुसार, सोनभद्र का क्षेत्रफल लगभग 6,788 वर्ग किलोमीटर है और सोन नदी के दोनों ओर विस्तृत भूभाग स्थित है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रफल की दृष्टि से उत्तर प्रदेश के कई जिले सोनभद्र से छोटे हैं।
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वक्ताओं ने दुद्धी की पठारी भौगोलिक संरचना, नदियों, पहाड़ों, जंगलों, आदिवासी बाहुल्य आबादी, नक्सल प्रभावित क्षेत्र की चुनौतियों और चार राज्यों से निकटता का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां की परिस्थितियां अलग प्रशासनिक व्यवस्था की जरूरत को रेखांकित करती हैं। संघर्ष मोर्चा का मानना है कि दुद्धी को जिला बनाए जाने से प्रशासनिक पहुंच मजबूत होगी और विकास योजनाओं का लाभ आम जनता तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगा।
प्रदर्शन में ये लोग रहे मौजूद
मुंसिफ कोर्ट गेट पर आयोजित प्रदर्शन में वरिष्ठ अधिवक्ता प्रेमचंद यादव, नागेंद्र श्रीवास्तव, रामपाल जौहरी, सत्यनारायण यादव, हरनाम सिंह, पवन दुबे, रविंद्र यादव, वीरेंद्र कुमार, अशोक गुप्ता, संजय यादव, राकेश अग्रहरी, आशीष गुप्ता, राहुल अग्रहरि, राजेंद्र सिंह चन्द्रवंशी और अमरावती देवी सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे।






