दुद्धी में ग्राम रोजगार सेवकों का प्रदर्शन, 10 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि ग्राम रोजगार सेवकों को विभागीय कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, कार्यों की बेहतर निगरानी के लिए आधुनिक एंड्रॉयड मोबाइल और डाटा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
दुद्धी
6:32 PM, Apr 24, 2026
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Edited by: Ashish Gupta
, Reported By: Jitendra Chandravanshi

ज्ञापन सौंपते ग्राम रोजगार सेवक : फोटो - सोन प्रभात न्यूज
सोनभद्र जिले के दुद्धी विकासखंड परिसर में शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026 को ग्राम रोजगार सेवकों का आक्रोश उस समय खुलकर सामने आया, जब वर्षों से संविदा पर कार्य कर रहे सैकड़ों रोजगार सेवकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। चिलचिलाती धूप के बावजूद रोजगार सेवकों ने नारेबाजी करते हुए अपनी आवाज बुलंद की और सरकार से शीघ्र समाधान की मांग की।बताया गया कि प्रदेश भर में करीब 36 हजार ग्राम रोजगार सेवक पिछले 17 वर्षों से मनरेगा योजना के तहत मानदेय पर कार्य कर रहे हैं। विषम परिस्थितियों में भी लगातार सेवा देने के बावजूद उन्हें न तो स्थायी कर्मचारी का दर्जा मिला है और न ही नियमित वेतन की व्यवस्था सुनिश्चित हो पाई है।इसके साथ ही ग्राम पंचायत स्तर पर पारदर्शिता बनाए रखने हेतु रोजगार सेवकों को हटाने की प्रक्रिया में संशोधन, मानदेय भुगतान के लिए पृथक बजट व्यवस्था, तथा लंबे समय से लंबित 12 से 14 महीने के बकाया मानदेय का तत्काल भुगतान करने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई। रोजगार सेवकों का कहना है कि आर्थिक तंगी के कारण उनके परिवारों की स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है, जिससे बच्चों की पढ़ाई, इलाज और पारिवारिक जिम्मेदारियां प्रभावित हो रही हैं।

ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि ग्राम रोजगार सेवकों को विभागीय कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, कार्यों की बेहतर निगरानी के लिए आधुनिक एंड्रॉयड मोबाइल और डाटा सुविधा उपलब्ध कराई जाए, तथा आकस्मिक और चिकित्सा अवकाश की सुविधा भी सुनिश्चित की जाए। इसके अतिरिक्त न्याय पंचायत स्तर पर स्थानांतरण की व्यवस्था और मृतक रोजगार सेवकों के आश्रितों को सेवा में अवसर देने की मांग भी रखी गई।
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प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक और तीव्र रूप दिया जाएगा। इस दौरान रोजगार सेवकों में सरकार के प्रति नाराजगी साफ देखने को मिली, वहीं उन्होंने एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया।






