दुद्धी बार एसोसिएशन ने जिलाधिकारी को सौंपे तीन प्रमुख मांग पत्र, मुंसिफ कोर्ट परिसर का हुआ निरीक्षण
एसोसिएशन के अध्यक्ष कुलभूषण पांडे के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने न्यायालय परिसर की आधारभूत सुविधाओं, प्रशासनिक पारदर्शिता और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
12:15 AM, Apr 5, 2026
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Edited by: Son Prabhat
, Reported By: Jitendra Chandravanshi

सोनभद्र जिलाधिकारी अधिवक्ताओं की मांगों को सुनते हुए
दुद्धी, सोनभद्र।शनिवार को तहसील परिसर में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के बाद जिले के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों ने दुद्धी क्षेत्र की न्यायिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जिलाधिकारी बद्रीनाथ सिंह और पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने संयुक्त रूप से मुंसिफ कोर्ट परिसर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का आकलन किया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने न्यायालय से जुड़ी कई गंभीर समस्याओं को लिखित और मौखिक रूप से अधिकारियों के समक्ष रखा।
निरीक्षण के दौरान दुद्धी बार एसोसिएशन ने अपनी सक्रिय भूमिका निभाते हुए न्यायिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए तीन महत्वपूर्ण मांग पत्र जिलाधिकारी को सौंपे। एसोसिएशन के अध्यक्ष कुलभूषण पांडे के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने न्यायालय परिसर की आधारभूत सुविधाओं, प्रशासनिक पारदर्शिता और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
🔴 पहला मांग पत्र: न्यायालय परिसर के विकास पर जोर
पहले पत्र में अधिवक्ताओं ने सिविल न्यायालय परिसर की दयनीय स्थिति को सुधारने के लिए कई अहम प्रस्ताव रखे। इसमें वादकारियों और अधिवक्ताओं के लिए 15×80 फीट और 40×70 फीट के दो भव्य भवनों का निर्माण, चहारदीवारी, सीसीटीवी कैमरे, शीतल जल संयंत्र, बंदी गृह, पार्किंग स्टैंड और एसोसिएशन सभागार की मरम्मत शामिल है।
इसके साथ ही पुस्तकालय के आधुनिकीकरण और प्राचीन कुएं की सफाई की मांग भी रखी गई। अध्यक्ष ने बताया कि वर्तमान में अधिवक्ता टिन शेड में कार्य करने को मजबूर हैं, जिससे गर्मी, बारिश और ठंड में भारी परेशानी होती है।
🟠 दूसरा मांग पत्र: तहसील कर्मचारियों की मनमानी पर रोक
दूसरे पत्र में तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कर्मचारियों की मनमानी पर रोक लगाने की मांग की गई। इसमें संपत्ति बंटवारे के बाद खतौनी का तत्काल अपडेट, भूमि दलालों पर सख्त कार्रवाई, निबंधन कार्यालय में बंधक भूमि के बैनामे में हो रहे भ्रष्टाचार पर रोक तथा वादकारियों के लिए शीतल पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग प्रमुख रही।
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तीसरा मांग पत्र: बंद पड़े आरओ प्लांट को चालू करने की मांग
तीसरे पत्र में हिंडाल्को जन सेवा ट्रस्ट द्वारा स्थापित आरओ प्लांट के बंद होने का मुद्दा उठाया गया। अधिवक्ताओं ने बताया कि बिजली बिल का भुगतान न होने के कारण प्लांट लंबे समय से बंद है, जिससे गर्मी के मौसम में शुद्ध पेयजल की भारी किल्लत हो रही है। उन्होंने ट्रस्ट से शीघ्र बिल जमा कर प्लांट पुनः चालू कराने की मांग की।
अधिकारियों ने दिया आश्वासन
जिलाधिकारी ने अधिवक्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि सभी मांगों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश देने की बात भी कही, ताकि न्यायिक कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए।
उपस्थित रहे अधिवक्ता
इस अवसर पर दुद्धी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कुलभूषण पांडे के साथ रामलोचन तिवारी, जितेंद्र श्रीवास्तव, दिनेश चंद गुप्ता, वरुणोदय जौहरी, महेंद्र जायसवाल, उमेश चंद, दिलीप पांडे, सुखसागर, आशीष गुप्ता सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।






