दुद्धी-बार एसोसिएशन ने प्रस्तावित रेटलिस्ट वापस लेने की मांग करते हुए तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
दुद्धी-बार एसोसिएशन ने प्रस्तावित रेटलिस्ट वापस लेने की मांग करते हुए तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
8:45 PM, Jul 27, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Jitendra Kumar chandrwanshi

दुद्धी सोनभद्र ।आज सोमवार दोपहर लगभग 1 बजे दुद्धी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कुलभूषण पांडे के नेतृत्व में अधिवक्ताओं के एक प्रतिनिधि दल ने तहसील परिसर में प्रदर्शन कर तहसीलदार अंजनी गुप्ता को जिला अधिकारी को संबोधित आपत्तिपत्र सौंपा है।अधिवक्ताओं ने कचहरी परिसर से जुलूस निकालते हुए नारेबाजी भी की और प्रस्तावित रेटलिस्ट 2026 को वापस लेने की मांग को लेकर कड़ी आपत्तियाँ जताईं।ज्ञापन में बार एसोसिएशन ने दुद्धी तहसील के गरीब आदिवासी बहुल्य वादकारियों के हितों को ख्याल में न रखते हुए तैयार किए गए प्रस्तावित रेटलिस्ट 2026 को अस्पष्ट, अव्यवहारिक और जनता के लिए आर्थिक बोझ बढ़ाने वाला करार दिया है। ज्ञापन में मुख्य आपत्तियों में नगरीय, अर्धनगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों में 200 से 300 प्रतिशत तक मूल्यांकन वृद्धि की धारा स्थानीय स्थिति के विपरीत है और इससे आदिवासी बहुल्य इलाके के गरीब वादकारियों पर अत्यधिक आर्थिक भार पड़ेगा।नगर पंचायत व नगरीय क्षेत्रों में चिन्हित मुख्य मार्गों पर कृषि भूमि के क्रय की व्यवस्था प्रस्तावित सूची में समुचित रूप से शामिल नहीं की गई है।इसीलिए पुनः भौगोलिक निरीक्षण कर रेटलिस्ट तैयार करने की मांग की गई है।ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क पर 1 हेक्टेयर भूमि पर 300 वर्गमीटर तक तथा शहरी क्षेत्रों में 500 वर्गमीटर तक के आवासीय रेट से मूल्यांकन करने का प्रावधान असंगत व अनुपयोगी बताया गया है।आंशिक कृषि गतिविधि वाले भूखंडों पर 100प्रतिशन, 75प्रतिशत, 50 प्रतिशत जैसी बढ़ोतरी की शर्तें जमीन की वास्तविक गाट संख्या व भू-भाग की झिझकी को नज़रअंदाज़ करती हैं। दुद्धी में गाटा बंटवारे की स्थिति भिन्न होने के कारण यह बढ़ोतरी जनता का अधिकार छीनने के समान है।अंतरराज्यीय मार्गों व दोनों ओर स्थित भूमि को उच्च श्रेणी मानकर अतिरिक्त 25 प्रतिशत वृद्धि लागू करना विधि-विरोधी बताया गया है।दुद्धी तहसील के 302 राजस्व ग्रामों का विविध भौगोलिक स्वरूप देखते हुए कहीं-कहीं बढ़ाए गए मूल्यांकन को अनुचित करार दिया गया है।इसके अलावा कई गाँवों का राष्ट्रीय या राजकीय मार्ग से कोई संपर्क नहीं है।आरोप लगाया गया है कि सब-रजिस्ट्रार द्वारा बिना भौगोलिक निरीक्षण के बाहर के शहरों जैसे गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा के रेट कॉपी-पेस्ट कर संशोधित किए गए हैं, जिससे आदिवासी व गरीब लोगों पर अन्याय हो रहा है।वर्तमान रेटलिस्ट 2024 में आंशिक संशोधन कर लागू करने तथा प्रस्तावित 2026 रेटलिस्ट को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की गई है।शक्तिनगर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण द्वारा दुद्धी तहसील की जमीनों पर 2 प्रतिशत अतिरिक्त मूल्यांकन वसूली का उल्लेख कर इसे निराधार और निरस्त करने योग्य बताया गया है, क्योंकि प्राधिकरण ने दुद्धी में कोई विकास कार्य नहीं किया है।दुद्धी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कुलभूषण पांडे ने बताया कि यह तहसील अनुसूचित जनजाति बहुल्य क्षेत्र है और यह विशेष परिस्थिति ध्यान में रखकर प्रस्तावित रेटलिस्ट वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि असल मौजूदा रेटलिस्ट 2024 को लेकर संशोधन करके ही नए रेट लागू किए जाएँ।इस मौके पर दोनों बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कुलभूषण पांडे ,रामलोचन तिवारी के अलावा जितेंद्र श्रीवास्तव ,राकेश श्रीवास्तव,प्रेम चन्द्र यादव ,रामपाल जौहरी ,रामजी पांडे,नंदलाल अग्रहरि सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे और उन्होंने नारेबाजी कर नए रेटलिस्ट के विरोध में अपना विरोध स्वर ऊँचा किया।
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