Sonbhadra news: पुतला दहन से लेकर भड़काऊ पोस्ट तक पर रोक, जिलाधिकारी ने जारी किए सख्त निर्देश, धारा 163 लागू
सोनभद्र :आगामी पर्व-त्योहारों, महत्वपूर्ण प्रतियोगी एवं शैक्षणिक परीक्षाओं तथा विभिन्न संगठनों के धरना-प्रदर्शनों को देखते हुए जिले में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा 163(2) के तहत यह आदेश जारी किया है। निषेधाज्ञा 25 सितंबर 2026 से 24 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी।
11:54 AM, Sep 26, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

पर्व-त्योहार और परीक्षाओं को लेकर जिले में निषेधाज्ञा लागू, बिना अनुमति जुलूस-धरना पर रोक
25 सितंबर से 24 नवंबर तक प्रभावी रहेगा आदेश, सोशल मीडिया पर अफवाह और भड़काऊ सामग्री पर कड़ी निगरानी
सोनभद्र:आगामी पर्व-त्योहारों, महत्वपूर्ण प्रतियोगी एवं शैक्षणिक परीक्षाओं तथा विभिन्न संगठनों के धरना-प्रदर्शनों को देखते हुए जिले में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा 163(2) के तहत यह आदेश जारी किया है। निषेधाज्ञा 25 सितंबर 2026 से 24 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी।
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जिलाधिकारी ने कहा कि आगामी पर्व-त्योहारों और विभिन्न आयोजनों के दौरान शांति एवं कानून व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए एहतियाती कदम उठाए गए हैं। साथ ही प्रतियोगी एवं शैक्षणिक परीक्षाओं के दौरान शांतिपूर्ण और व्यवस्थित वातावरण बनाए रखना भी आवश्यक है।बिना अनुमति सभा, जुलूस और धरना-प्रदर्शन पर रोकआदेश के तहत जिला मजिस्ट्रेट, अपर जिला मजिस्ट्रेट अथवा संबंधित उप जिलाधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना किसी व्यक्ति या समूह को सभा, धरना-प्रदर्शन अथवा जुलूस आयोजित करने की अनुमति नहीं होगी।
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धार्मिक मेले, बारात और शव यात्राओं को इस प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है।हथियार और ज्वलनशील सामग्री ले जाने पर प्रतिबंधसार्वजनिक स्थानों पर अस्त्र-शस्त्र, आग्नेयास्त्र, विस्फोटक या ज्वलनशील सामग्री लेकर चलने अथवा उन्हें एकत्र करने पर रोक रहेगी। जुलूस, सभा और रैलियों में लाठी-डंडे, ईंट-पत्थर या ऐसी अन्य सामग्री ले जाना भी प्रतिबंधित रहेगा, जिसका इस्तेमाल कानून व्यवस्था प्रभावित करने में किया जा सकता है।
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सोशल मीडिया पर रहेगी कड़ी निगरानी फेसबुक, व्हाट्सएप समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों पर झूठी, भ्रामक, उत्तेजनात्मक अथवा अफवाह फैलाने वाली सामग्री के प्रसार पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। सोशल मीडिया ग्रुप एडमिन को भी आपत्तिजनक सामग्री के प्रसार को रोकने और ऐसी सामग्री सामने आने पर तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।भड़काऊ नारेबाजी और आपत्तिजनक प्रचार पर रोक पोस्टर, पंपलेट, पर्चे, सोशल मीडिया अथवा ध्वनि विस्तारक यंत्रों के जरिए ऐसा प्रचार या नारेबाजी नहीं की जाएगी, जिससे किसी वर्ग, जाति या समुदाय के बीच तनाव उत्पन्न होने की संभावना हो।बाजार, स्टेशन और प्रमुख स्थलों पर बढ़ेगी सतर्कता मदिरा की दुकानों और बार के आस पास पर्याप्त पुलिस बल तैनात कर अराजक, असामाजिक एवं आपराधिक तत्वों पर नजर रखी जाएगी। होटल, रेस्टोरेंट, शॉपिंग मॉल, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, प्रमुख मार्गों, बाजारों और चौराहों पर भी आवश्यक पुलिस व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।यातायात बाधित करने और सरकारी कार्य में अवरोध पर रोकयातायात जाम करने या उसे बाधित करने की अनुमति नहीं होगी। किसी सरकारी अथवा गैर-सरकारी कर्मचारी को ड्यूटी पर जाने से रोकना भी प्रतिबंधित रहेगा। सार्वजनिक स्थानों और दीवारों पर आपत्तिजनक पोस्टर लगाने तथा तनाव पैदा करने वाले पर्चे-पंपलेट बांटने पर भी रोक रहेगी।पुतला दहन समेत अन्य आपत्तिजनक प्रदर्शन प्रतिबंधितकिसी राजनीतिक दल या अभ्यर्थी द्वारा दूसरे राजनीतिक दल के सदस्यों अथवा नेताओं के पुतले लेकर चलने, सार्वजनिक स्थान पर पुतला दहन करने और इस तरह के अन्य प्रदर्शनों पर भी प्रतिबंध रहेगा।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निषेधाज्ञा का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की ओर से पर्व-त्योहारों और परीक्षाओं के दौरान शांति, सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक पुलिस एवं प्रशासनिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।






