Duddhi:जंगलों, पहाड़ों और नदियों के संरक्षण का ग्रामीणों ने लिया संकल्प
दुद्धी (सोनभद्र)। स्थानीय ब्लॉक के ग्राम पंचायत बघाड़ू स्थित ग्राम निर्माण केंद्र परिसर में गुरुवार को पंचायत महोत्सव एवं क्षेत्रीय ग्राम स्वराज्य सम्मेलन का आयोजन किया गया
8:55 PM, Oct 16, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Jitendra Kumar chandrwanshi

पंचायत महोत्सव एवं क्षेत्रीय ग्राम स्वराज्य सम्मेलन में स्वच्छता, शौचालय के नियमित प्रयोग और ग्राम सभा को सशक्त बनाने पर हुई चर्चा, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समांदुद्धी (सोनभद्र)। स्थानीय ब्लॉक के ग्राम पंचायत बघाड़ू स्थित ग्राम निर्माण केंद्र परिसर में गुरुवार को पंचायत महोत्सव एवं क्षेत्रीय ग्राम स्वराज्य सम्मेलन का आयोजन किया गया। ग्रामीण अगुवा ज्वाला प्रसाद की अध्यक्षता में आयोजित सम्मेलन में जंगलों, पहाड़ों और नदियों के संरक्षण, स्वच्छता, शौचालय के नियमित प्रयोग तथा ग्राम सभा को सशक्त बनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। इस दौरान ग्रामीणों ने प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करने और गांवों के समग्र विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया।सम्मेलन को संबोधित करते हुए शुभा प्रेम ने कहा कि ग्राम सभा और पंचायत को मजबूत बनाने के लिए ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। लोगों को अपने संवैधानिक अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए, ताकि वे गांव के विकास से जुड़े निर्णयों में प्रभावी भूमिका निभा सकें।चित्रांगद दुबे ने जंगलों, पहाड़ों और नदियों को ग्रामीण जीवन, आजीविका और पर्यावरण संतुलन का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए इनके संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी बताया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान पहुंचने से पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित होता है। वन क्षेत्रों में बदलाव के कारण जंगली जानवरों के गांवों की ओर भटकने जैसी समस्याएं भी सामने आती हैं। ऐसे में प्राकृतिक संपदा को सुरक्षित रखने और आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण बचाने में ग्रामीणों की भागीदारी अहम है।स्वच्छता के मुद्दे पर देवनाथ सिंह ने घरों और गांवों में स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के लिए शौचालयों के नियमित प्रयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता की जिम्मेदारी प्रत्येक परिवार की है और सामूहिक प्रयासों से ही गांवों को स्वच्छ एवं स्वस्थ बनाया जा सकता है।सम्मेलन में ग्राम सभा को सशक्त बनाने के लिए ग्रामीणों से नियमित बैठकों में शामिल होने, स्थानीय समस्याओं को खुलकर उठाने तथा विकास कार्यों की निगरानी में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की गई। वक्ताओं ने कहा कि जनभागीदारी से ही पंचायत व्यवस्था अधिक पारदर्शी और प्रभावी बन सकती है।कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने लोगों का मन मोह लिया। इनके माध्यम से ग्रामीण संस्कृति, सामाजिक एकता और सामूहिक सहभागिता का संदेश दिया गया। सम्मेलन में फूलवंती, हीरावती, जगत नारायण गोंड, ज्वाला प्रसाद, चंद्रावती और धर्मावती सहित अन्य लोगों ने अपने विचार रखे। वक्ताओं ने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और गांवों के विकास के लिए एकजुट होकर काम करने की आवश्यकता पर बल दिया।इस अवसर पर सामाजिक बदलाव में योगदान देने वाले छह लोगों को ‘बदलाव के छह हीरो’ के रूप में सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में राम अवध, अमृत लाल, रीता, सोनी, चंद्रकला, राजकुमारी सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।
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