संपादकीय लेख - सोनभद्र में प्रेम की कीमत: 15 दिन में 3 प्रेमी जोड़ों की आत्महत्या, उम्र एक जैसी, तरीका भी — हर घटना में चौंकाने वाली समानताएं! Sonbhadra News
Sonbhadra News : संपादकीय - आशीष गुप्ता | सोनप्रभात न्यूज़
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7:19 AM, May 20, 2025
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Edited by: Son Prabhat

Sonbhadra News : संपादकीय - आशीष गुप्ता | सोनप्रभात न्यूज़
उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में महज 15 दिनों के भीतर लगातार तीन प्रेमी जोड़ों ने आत्महत्या कर ली है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इन तीनों घटनाओं में कई समानताएं हैं — प्रेमी और प्रेमिका की उम्र लगभग 20 वर्ष, परिजनों द्वारा शादी से इनकार और आत्महत्या का एक जैसा तरीका: एक पेड़ पर एक साथ फांसी लगाकर जीवनलीला समाप्त कर लेना। इन घटनाओं ने न केवल जिले को हिला कर रख दिया है, बल्कि समाज और प्रशासन दोनों के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या यह महज संयोग है, या फिर एक बड़ी सामाजिक समस्या का संकेत?
ताजा मामला: राजकुमार और मनीषा की प्रेम कहानी का दर्दनाक अंत
स्थान: पाटी ग्राम पंचायत, पिपरी थाना क्षेत्र तारीख: 16 मई 2025 22 वर्षीय राजकुमार खरवार और 20 वर्षीय मनीषा खरवार ने समाज की रुकावटों के आगे झुकने के बजाय एक साथ मौत को गले लगा लिया। दोनों के बीच पिछले कुछ समय से प्रेम संबंध था। गांव में पंचायत भी बुलाई गई थी, जिसमें दोनों को अलग रहने का आदेश दिया गया था। उन्होंने पंचायत के सामने हामी तो भरी, लेकिन दिल से जुदा नहीं हो सके।

शनिवार सुबह दोनों अपने-अपने घरों से निकले और पास के जंगल में पहुंचे। वहां एक पेड़ की डाल से दोनों ने फांसी लगा ली। राजकुमार ने गमछे और मनीषा ने दुपट्टे से फंदा बनाया। सुबह 10 बजे लकड़ी लेने गए ग्रामीणों ने जब पेड़ से लटकते दो शव देखे, तो गांव में हड़कंप मच गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि आत्महत्या से पहले दोनों ने शादी की रस्में पूरी कीं। मनीषा की मांग में सिंदूर लगा था। पुलिस के अनुसार, दोनों ने गमछा और दुपट्टे को एक साथ बांधा और फिर एक ही डाल से फांसी पर झूल गए।
दूसरी घटना: अशोक और सीता की प्रेम की अधूरी दास्तान
स्थान: गड़वानी, डाला चोपन थाना क्षेत्र तारीख: 13 मई 2025 19 वर्षीय अशोक खरवार, पुत्र स्व. सत्यनारायण खरवार और 18 वर्षीय सीता कुमारी, पुत्री राम सागर खरवार — दोनों एक-दूसरे से प्रेम करते थे। जब परिवार और समाज ने इनके रिश्ते को अस्वीकार कर दिया, तो इन्होंने भी आत्मघाती रास्ता चुना। दोनों के शव गड़वानी गांव के बाहर तेंदू के पेड़ पर गमछा और दुपट्टे से लटके हुए पाए गए। पुलिस को प्रथम दृष्टया मामला प्रेम प्रसंग का प्रतीत हुआ। परिजनों के अनुसार, दोनों काफी समय से एक-दूसरे के संपर्क में थे, लेकिन किसी ने भी उनकी भावनाओं को समझने की कोशिश नहीं की।
तीसरी घटना: किशोर प्रेम का समाज से हारना
स्थान: मुरैला गांव तारीख: 8 मई 2025 इस घटना ने तो दिल दहला दिया। यहां 17 वर्षीय दशरथ और 15 वर्षीय चिंता, दोनों किशोर अवस्था में प्रेम में थे। परिवारवालों से शादी की अनुमति न मिलने पर इन दोनों ने भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। ग्रामीणों ने बताया कि दोनों अक्सर एक-दूसरे के साथ देखे जाते थे और शादी करना चाहते थे। परिजनों ने उम्र का हवाला देकर इनके रिश्ते को नकार दिया, जिसका परिणाम यह भयावह त्रासदी बनी।
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हर घटना में समान पैटर्न — क्या यह महज संयोग है?
प्रेमी-प्रेमिका की उम्र लगभग 17 से 22 वर्ष के बीच शादी से परिजनों द्वारा इनकार पेड़ की डाल पर जोड़ो के साथ लटके मिले शव लड़के ने गमछे से, लड़की ने दुपट्टे से बनाई फांसी आत्महत्या से पहले साथ बिताए अंतिम पल
इन तीनों मामलों की समानताएं सिर्फ दुखद नहीं, बल्कि संदेहास्पद भी हैं। क्या यह घटनाएं किसी मानसिक दबाव या सामाजिक उत्पीड़न का परिणाम हैं? या फिर कोई और बड़ी साजिश इन प्रेम कहानियों के पीछे छिपी है?
प्रशासन की भूमिका पर भी उठे सवाल
सवाल यह भी है कि क्या प्रशासन ने पहले दो मामलों के बाद कोई मनोवैज्ञानिक या सामाजिक मदद की पहल की? क्या पंचायतों द्वारा दिए गए 'अलग रहने' के फैसले सामाजिक हत्या का दूसरा रूप हैं? अब वक्त आ गया है कि स्थानीय प्रशासन और समाज इस पर गंभीरता से विचार करे।
समाज को सोचने की ज़रूरत है
आज जब युवा प्रेम को सम्मान देने की उम्मीद करते हैं, समाज उन्हें सजा दे देता है। इन घटनाओं से सिर्फ जानें नहीं गईं, बल्कि प्रेम पर विश्वास, उम्मीद और भविष्य की कई संभावनाएं भी खत्म हो गईं। ये खबरें हमें झकझोरने के लिए काफी हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्या हम अब भी जागेंगे?
रिपोर्ट: आशीष गुप्ता, संपादक – सोनप्रभात न्यूज़ तारीख: 19 मई 2025 स्थान: सोनभद्र






