संपादकीय- "नागरिक नहीं, नेता चाहिए"- (व्यंग्य - सुरेश गुप्त "ग्वालियरी")
विंध्य नगर - सिंगरौली /
2:19 PM, Jul 7, 2021
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Edited by: Ashish Gupta

विंध्य नगर - सिंगरौली /
सुरेश गुप्त "ग्वालियरी" -(सोन प्रभात संपादक सदस्य)
जनसंख्या कम हो या न हो परंतु
सरकार के द्वारा लिए गलत निर्णय
से आने वाले दिनों में
नेताओं की कमी
अवश्य हो सकती है ,
आखिर जन सेवक कहां से उपलब्ध होगे???
"विधायक से लेकर ग्राम पंचायतों तक लाखो जन सेवको की जरूरत होती है!!"
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अब बात
मुद्दे
की करते है, रोजाना
समाचार पत्र
में पढ़ रहा हूं
विद्यार्थियों को बिना परीक्षा दिए ही उत्तीर्ण
किया जा रहा है, ये कदम
नेताओ के लिए घातक सिद्ध
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होने वाला है। सोचिए
सभी पास हो गए ,तो फेल कोई हुआ ही नहीं
तो इस
देश का क्या होगा??
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यही फेल हुए लोग देश का नेतृत्व करने की क्षमता रखते है। देश में
सुव्यवथित रूप से अव्यवस्था फैलाने का माद्दा भी इन्ही के पास
है !! आज भी
अनेकों ऐसे उदाहरण
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है, इन फेल हुए लोगों ने अपनी सेवाएं देकर देश को सम्मानित किया है,
बिहार ही नही देश के अन्य हिस्सों में भी
अनेक
प्रतिभावान फेल युवकों ने देश को बहुत कुछ दिया है
, देश को आदर्श नागरिक के लिए तो पढ़ा लिखा होना लाजिमी है परंतु
फेल होने पर हमे नेताओं की प्राप्ति होती है
!!

"सो
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सरकार
से यही
गुजारिश
है परीक्षा लो!!
सब को पास मत करो भाई, देश को नेता भी चाहिए
,और यही फेल हुए छात्र हमारे देश के नीति नियंता बनते है। हमे
ऐसे प्रतिभा वान अनुत्तीर्ण छात्रों से वंचित न करें !!"







