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आदिवासी महिला की जमीन कब्जा करने वाले पिता-पुत्रों के विरुद्ध दर्ज होगी एफआईआर

'- विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट, सोनभद्र कोर्ट ने चोपन इंस्पेक्टर को दिया आदेश - सीओ करेंगे मामले की विवेचना, कोर्ट को परिणाम से अवगत कराना होगा सोनभद्र। आदिवासी महिला की जमीन कब्जा करने वाले पिता-पुत्रों के विरुद्ध विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट सोनभद्र आबिद शमीम की अदालत ने वृहस्पतिवार को चोपन इंस्पेक्टर को एफआईआर दर्ज कर सीओ से मामले की विवेचना कराने व परिणाम से कोर्ट को अवगत कराने का आदेश दिया है। यह आदेश दिलवा उर्फ देवंती पत्नी सुरेश निवासी कोटा, थाना चोपन, जिला सोनभद्र द्वारा अधिवक्ता सीपी द्विवेदी एवं आनंद ओझा एडवोकेट के जरिए दाखिल 173(4) बीएनएसएस के प्रार्थना पत्र पर कोर्ट ने दिया है। दिए प्रार्थना पत्र में आदिवासी महिला ने आरोप लगाया है कि वह अनुसूचित जनजाति की महिला है। 25 जनवरी 2026 को सुबह 9 बजे उसके गांव के रहने वाले पिता-पुत्रों क्रमशः कामेश्वर जायसवाल पुत्र तुलसी जायसवाल, अनिल जायसवाल व सुनील जायसवाल पुत्रगण कामेश्वर जायसवाल द्वारा उसकी पट्टा शुदा भूमि पर जबरजस्ती कब्जा कर लिया गया। मना करने पर पिता-पुत्रों द्वारा जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करके गालियां देते हुए उसे जान से मारने की धमकी दी गई। इसकी सूचना थाने पर दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। 9 फरवरी 2026 को रजिस्टर्ड डाक से एसपी सोनभद्र को सूचना दी गई, फिर भी कोई सुनवाई नहीं हुई। तब मजबूर होकर न्यायालय में न्याय के लिए आना पड़ा। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने गम्भीर अपराध मानते हुए, मामले की विवेचना कराया जाना आवश्यक माना। कोर्ट ने चोपन इंस्पेक्टर को पिता-पुत्रों कामेश्वर जायसवाल, अनिल जायसवाल व सुनील जायसवाल के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना सीओ से करवाने व परिणाम से न्यायालय को अवगत कराने का आदेश दिया है।

sonbhadra

8:02 PM, Mar 12, 2026

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Edited by: Ashish Gupta

आदिवासी महिला की जमीन कब्जा करने वाले पिता-पुत्रों के विरुद्ध दर्ज होगी एफआईआर
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सोन प्रभात लाइव न्यूज़ डेस्क

'- विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट, सोनभद्र कोर्ट ने चोपन इंस्पेक्टर को दिया आदेश - सीओ करेंगे मामले की विवेचना, कोर्ट को परिणाम से अवगत कराना होगा सोनभद्र। आदिवासी महिला की जमीन कब्जा करने वाले पिता-पुत्रों के विरुद्ध विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट सोनभद्र आबिद शमीम की अदालत ने वृहस्पतिवार को चोपन इंस्पेक्टर को एफआईआर दर्ज कर सीओ से मामले की विवेचना कराने व परिणाम से कोर्ट को अवगत कराने का आदेश दिया है। यह आदेश दिलवा उर्फ देवंती पत्नी सुरेश निवासी कोटा, थाना चोपन, जिला सोनभद्र द्वारा अधिवक्ता सीपी द्विवेदी एवं आनंद ओझा एडवोकेट के जरिए दाखिल 173(4) बीएनएसएस के प्रार्थना पत्र पर कोर्ट ने दिया है। दिए प्रार्थना पत्र में आदिवासी महिला ने आरोप लगाया है कि वह अनुसूचित जनजाति की महिला है। 25 जनवरी 2026 को सुबह 9 बजे उसके गांव के रहने वाले पिता-पुत्रों क्रमशः कामेश्वर जायसवाल पुत्र तुलसी जायसवाल, अनिल जायसवाल व सुनील जायसवाल पुत्रगण कामेश्वर जायसवाल द्वारा उसकी पट्टा शुदा भूमि पर जबरजस्ती कब्जा कर लिया गया। मना करने पर पिता-पुत्रों द्वारा जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करके गालियां देते हुए उसे जान से मारने की धमकी दी गई। इसकी सूचना थाने पर दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। 9 फरवरी 2026 को रजिस्टर्ड डाक से एसपी सोनभद्र को सूचना दी गई, फिर भी कोई सुनवाई नहीं हुई। तब मजबूर होकर न्यायालय में न्याय के लिए आना पड़ा। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने गम्भीर अपराध मानते हुए, मामले की विवेचना कराया जाना आवश्यक माना। कोर्ट ने चोपन इंस्पेक्टर को पिता-पुत्रों कामेश्वर जायसवाल, अनिल जायसवाल व सुनील जायसवाल के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना सीओ से करवाने व परिणाम से न्यायालय को अवगत कराने का आदेश दिया है।

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