साइबर सुरक्षा और गोपनीयता की चुनौतियों पर पांच दिवसीय पाठ्यक्रम का शुभारंभ
चुर्क सोनभद्र। एमएनएनआईटी इलाहाबाद और राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज (आरईसी) सोनभद्र के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को ‘सिक्योरिटी एंड प्राइवेसी इन साइबर वर्ल्ड: चैलेंजेस एंड सॉल्यूशंस’ विषय पर पांच दिवसीय लघु अवधि पाठ्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह में साइबर सुरक्षा, डेटा गोपनीयता और डिजिटल दुनिया में बढ़ते खतरों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए।
7:22 PM, Oct 31, 2026
Share:
Edited By: Shaktipal , Reported By: Sanjay singh

एमएनएनआईटी इलाहाबाद और आरईसी सोनभद्र के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हो रहा विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम
चुर्क सोनभद्र। एमएनएनआईटी इलाहाबाद और राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज (आरईसी) सोनभद्र के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को ‘सिक्योरिटी एंड प्राइवेसी इन साइबर वर्ल्ड: चैलेंजेस एंड सॉल्यूशंस’ विषय पर पांच दिवसीय लघु अवधि पाठ्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह में साइबर सुरक्षा, डेटा गोपनीयता और डिजिटल दुनिया में बढ़ते खतरों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एमएनएनआईटी इलाहाबाद के कार्यवाहक निदेशक प्रो. एम. एम. गोरे रहे। इस अवसर पर सीएसई विभागाध्यक्ष प्रो. मयंक पांडेय, आरईसी सोनभद्र के सीएसई विभागाध्यक्ष डॉ. आमोद कुमार तिवारी तथा अधिष्ठाता शैक्षणिक डॉ. हिमांशु कटियार मंच पर उपस्थित रहे।मुख्य अतिथि प्रो. एम. एम. गोरे ने अपने संबोधन में पीएचपी वल्नेरेबिलिटी और बिटकॉइन से जुड़ी वित्तीय धोखाधड़ी जैसे गंभीर साइबर खतरों पर प्रकाश डाला। उन्होंने शोधकर्ताओं एवं शिक्षाविदों से इन उभरती चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए प्रभावी और सशक्त समाधान विकसित करने का आह्वान किया।प्रो. मयंक पांडेय ने आधुनिक नेटवर्किंग में सुरक्षा और संपर्क के बीच संतुलन की आवश्यकता बताते हुए कहा कि आज की डिजिटल दुनिया में संपर्क और संवाद अनिवार्य हैं, लेकिन सुरक्षा की कीमत पर ऐसा कतई नहीं होना चाहिए।आरईसी सोनभद्र के निदेशक प्रो. के. एस. वर्मा ने इस संयुक्त शैक्षणिक पहल की सराहना करते हुए आयोजन समिति और प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने के साथ ही आम जीवन में साइबर जोखिमों से बचाव के प्रति जागरूकता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।कार्यक्रम समन्वयक डॉ. दिनेश सिंह ने डेटा सुरक्षा को वर्तमान समय की प्रमुख आवश्यकता बताते हुए कहा कि डिजिटल युग में डेटा की सुरक्षा सर्वोपरि है। तकनीकी रूप से सक्षम बनने के लिए ऐसे लक्षित प्रशिक्षण कार्यक्रम बेहद उपयोगी हैं।इसके बाद तकनीकी सत्र में एमएनएनआईटी इलाहाबाद के डॉ. दिनेश सिंह ने साइबर सुरक्षा के मूलभूत सिद्धांतों तथा रिव्यू स्पैम डिटेक्शन में मशीन लर्निंग मॉडल के उपयोग पर विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर बढ़ती फर्जी समीक्षाओं की पहचान के लिए मशीन लर्निंग और नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (एनएलपी) तकनीक की उपयोगिता समझाई। प्रतिभागियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता और प्रामाणिकता बढ़ाने के व्यावहारिक पहलुओं से भी अवगत कराया गया।डॉ. आमोद कुमार तिवारी और डॉ. हिमांशु कटियार ने प्रतिभागियों से पांच दिवसीय पाठ्यक्रम के सभी तकनीकी सत्रों में सक्रियता और निष्ठा के साथ भाग लेने की अपील की। कार्यक्रम का समापन समन्वयक डॉ. मैनेजर यादव के औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।इस अवसर पर डॉ. जे. सतीश कुमार, डॉ. अनुराग सेवक, डॉ. आशीष रंजन मिश्रा, डॉ. कल्पना सिंह, डॉ. पी. के. वर्मा, श्री राम ईश्वर वैस, नवनीत उपाध्याय, विवेक देव पांडेय सहित अन्य शिक्षक एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।
यह भी पढ़ें






