महिला संगठनों की अगुवाओं को दिया नेतृत्व और जलवायु अनुकूल कृषि का प्रशिक्षण
सोनभद्र। नवजीवन जन सेवा समिति के नेतृत्व में पानी संस्था एवं रोहिणी नीलकंठ फिल्मथ्रिपिस फाउंडेशन के सहयोग से सुअर सोत पंचायत भवन में सामुदायिक महिला संगठनों की अगुवाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में दस महिला संगठनों की अध्यक्ष एवं सचिवों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
7:42 PM, Sep 16, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Ved vyas singh maurya

सोनभद्र। नवजीवन जन सेवा समिति के नेतृत्व में पानी संस्था एवं रोहिणी नीलकंठ फिल्मथ्रिपिस फाउंडेशन के सहयोग से सुअर सोत पंचायत भवन में सामुदायिक महिला संगठनों की अगुवाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में दस महिला संगठनों की अध्यक्ष एवं सचिवों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।प्रशिक्षण का उद्देश्य महिला संगठनों को मजबूत, सक्रिय और नेतृत्वक्षम बनाना रहा। इस दौरान संगठन की भूमिका, नेतृत्व क्षमता, सामूहिक निर्णय, आपसी सहयोग, नियमित बैठक, जिम्मेदारियों के बंटवारे तथा समुदाय से जुड़े मुद्दों को सामूहिक रूप से उठाने के संबंध में जानकारी दी गई।खेल एवं गतिविधियों से विकसित की टीम भावनाप्रशिक्षण को प्रभावी और रोचक बनाने के लिए खेल एवं सहभागिता आधारित गतिविधियों का आयोजन किया गया। विभिन्न खेलों और सामूहिक अभ्यासों के माध्यम से प्रतिभागियों में टीम भावना, नेतृत्व क्षमता, आपसी विश्वास, संवाद और सामूहिक निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने का प्रयास किया गया। गतिविधियों में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।जैविक खेती और जल संरक्षण पर जोरकार्यक्रम में जैविक खेती, तकनीकी एवं जलवायु अनुकूल कृषि, खेती को बेहतर बनाने की विधियों तथा जल संरक्षण को लेकर भी विशेष जानकारी दी गई। महिला अगुवाओं से गांवों में किसानों और समुदाय के बीच जैविक खेती, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा पानी बचाने के प्रति जागरूकता बढ़ाने की अपील की गई।कार्यक्रम में पानी संस्था से विवेक एवं हरिओम, नवजीवन जन सेवा समिति के सचिव कमलेश कुमार, क्लाइमेट वॉरियर्स कविता खरवार, मंजू मौर्य, आरती खरवार, मंजू खरवार एवं उषा खरवार, क्लाइमेट लीड शिवाकांत तथा संगठन की साथी नवरंग, मीना, राधिका और बसंती सहित महिला संगठनों की अगुवाओं ने प्रतिभाग किया।प्रशिक्षण के समापन पर महिला अगुवाओं ने संकल्प लिया कि मजबूत महिला संगठन, सामूहिक नेतृत्व और आपसी सहयोग के माध्यम से गांवों में जैविक खेती, जल संरक्षण और जलवायु अनुकूल कृषि को बढ़ावा दिया जाएगा। प्रशिक्षण से प्रतिभागियों में संगठन और समुदाय के प्रति नेतृत्व की नई ऊर्जा एवं आत्मविश्वास देखने को मिला।
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