Holi 2025: रंगों के त्योहार पर अपनाएं ये खास उपाय, सुख-समृद्धि के खुलेंगे द्वार
Sonprabhat Digital Desk
12:04 PM, Mar 11, 2025
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Edited by: Ashish Gupta

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Holi 2025 : हर साल फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि पर रंगों का त्योहार होली पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। यह हिंदू धर्म के प्रमुख पर्वों में से एक है, जिसे पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है। इस वर्ष 14 मार्च 2025 को होली मनाई जाएगी, जबकि होली से एक दिन पूर्व 13 मार्च को होलिका दहन किया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और इसे सकारात्मक ऊर्जा के संचार का पर्व भी माना जाता है।
होली पर शुभ कार्य और विशेष उपाय
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, होली के दिन कुछ विशेष उपाय करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है और नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है।
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1. होली के दिन सबसे पहले करें ये कार्य
- प्रातः स्नान कर अपने इष्ट देव को गुलाल अर्पित करें, उसके बाद ही अन्य लोगों के साथ होली खेलें।
- ऐसा करने से भाग्य में वृद्धि होती है और जीवन में शुभता बनी रहती है।
- तुलसी जी को गुलाल चढ़ाने से वास्तु दोष से मुक्ति मिलती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

2. पति-पत्नी के लिए विशेष उपाय
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- होली के दिन पति-पत्नी को मिलकर गौ माता के चरणों में गुलाल अर्पित करना चाहिए।
- इसके बाद गाय को गुड़ और रोटी खिलाने से दांपत्य जीवन में प्रेम और सौहार्द बना रहता है।
- इससे पारिवारिक जीवन में सुख-शांति आती है और जीवन में स्थिरता बनी रहती है।
3. आर्थिक समस्या के निवारण के लिए उपाय
- अगर आप धन से जुड़ी परेशानियों का सामना कर रहे हैं, तो होली के दिन घर के मुख्य द्वार पर गुलाल छिड़कें और दोमुखी दीपक जलाएं।
- यह उपाय आर्थिक समस्याओं को दूर करने में सहायक माना जाता है और आय में वृद्धि के योग बनते हैं।
4. घर में सुख-समृद्धि के लिए करें यह उपाय
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- होली की सुबह एक पात्र में हल्दी या पीले रंग का गुलाल घोलकर घर के मुख्य द्वार के दोनों कोनों में छिड़काव करें।
- ऐसा करने से घर में धन-लाभ के अवसर बढ़ते हैं और सुख-समृद्धि का वास होता है।
महत्वपूर्ण अस्वीकरण
यह लेख धार्मिक मान्यताओं एवं परंपराओं पर आधारित है। इसमें बताए गए उपाय एवं विधियां प्रचलित मान्यताओं, पंचांग, ज्योतिषीय गणनाओं और धार्मिक ग्रंथों पर आधारित हैं। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी उपाय को अपनाने से पहले अपनी श्रद्धा और विवेक का प्रयोग करें। Sonprabhat News अंधविश्वास के खिलाफ है और किसी भी दावे की पुष्टि नहीं करता है






