उद्योग बंधु बैठक में उठे बैंकिंग, सड़क सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था के मुद्दे
उद्योग बंधु बैठक में उठे बैंकिंग, सड़क सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था के मुद्दे
4:24 PM, May 19, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

एमएसएमई फाइलों के लंबित होने, किलर रोड और कैशलेस उपचार योजना के प्रचार-प्रसार पर व्यापारियों ने जताई चिंतासोनभद्र। 19 मई को जिला स्तरीय उद्योग बंधु की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता नवागत जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने की। बैठक में व्यापारियों एवं उद्यमियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के जिला अध्यक्ष कौशल शर्मा ने कहा कि एमएसएमई, ओडीओपी एवं स्वरोजगार योजनाओं की फाइलें महीनों से बैंकों में लंबित पड़ी हैं, जिससे युवाओं और उद्यमियों का उत्साह समाप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि शासन की सिंगल विंडो एवं समयबद्ध निस्तारण की मंशा धरातल पर दिखाई नहीं दे रही है।उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की कि प्रत्येक बैंक में एमएसएमई नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए, लंबित फाइलों की साप्ताहिक समीक्षा हो तथा बिना कारण फाइल रोकने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। साथ ही ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम को सार्वजनिक किए जाने की भी मांग की।कौशल शर्मा ने जिले की खराब सड़क व्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा कि सोनभद्र की सड़कें अब “किलर रोड” के नाम से जानी जाने लगी हैं। पिछले 36 दिनों में सड़क हादसों में 27 लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित राहवीर योजना और गुड सेमेरिटन नीति के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डन आवर यानी पहले एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को 25 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है, लेकिन जिले में इसका पर्याप्त प्रचार-प्रसार नहीं हो रहा है।उन्होंने यह भी कहा कि सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए कैशलेस उपचार योजना 2025 लागू की गई है, जिसके अंतर्गत डेढ़ लाख रुपये तक का उपचार खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाता है। यह सुविधा सरकारी एवं निजी अस्पतालों में उपलब्ध है, लेकिन जानकारी के अभाव में लोग इसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं, जिससे कई बार गोल्डन आवर में उपचार न मिलने से दुर्घटनाग्रस्त लोगों की मौत हो जाती है।नगर अध्यक्ष प्रशांत जैन ने मिर्जापुर डिपो की बसों के फ्लाईओवर के नीचे से संचालन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इससे आए दिन जाम की समस्या उत्पन्न हो रही है। कई बार एंबुलेंस तक जाम में फंस चुकी हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला जिला एवं मंडलीय उद्योग बंधु की बैठकों में पहले भी उठाया जा चुका है, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ।जिला मंत्री नागेंद्र मोदनवाल ने आरोप लगाया कि कुछ प्राइवेट फाइनेंस कंपनियां एक-दो किस्त बकाया होने पर वाहनों को जबरन रोककर यार्ड में खड़ा कर देती हैं और अवैध धन की मांग करती हैं। उन्होंने प्रशासन से ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की मांग की।बैठक में प्रमुख रूप से उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिला अध्यक्ष नरेंद्र गर्ग, नगर अध्यक्ष प्रमोद गुप्ता, जिला महामंत्री मनोज जालान, नवल बाजपेई, विमल जालान, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष राजेश गुप्ता, संदीप सिंह, अजीत जायसवाल, नगर अध्यक्ष प्रशांत जैन, जिला मंत्री कृष्णा सोनी, विनय जायसवाल, जिला उपाध्यक्ष प्रदीप जायसवाल, राजू जायसवाल, नगर मंत्री अभिषेक केसरी, नगर कोषाध्यक्ष सिद्धार्थ सांवरिया तथा नगर संयोजक अमित अग्रवाल सहित अन्य व्यापारी मौजूद
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