क्षेत्राधिकारी नगर की अध्यक्षता में एसजेपीयू एवं एएचटीयू की मासिक समीक्षा बैठक सम्पन्न.
सोनभद्र। संवाददाता — संजय सिंह
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2:39 PM, Jan 13, 2026
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Edited by: Ashish Gupta

सोनभद्र। संवाददाता — संजय सिंह
पुलिस महानिदेशक, महिला सम्मान प्रकोष्ठ उत्तर प्रदेश (लखनऊ) के आदेश एवं पुलिस अधीक्षक सोनभद्र के निर्देशन में बुधवार को रिजर्व पुलिस लाइन चुर्क स्थित सभागार कक्ष में एसजेपीयू (विशेष किशोर पुलिस इकाई) एवं एएचटीयू (मानव तस्करी निरोधक इकाई) की मासिक समीक्षा एवं समन्वय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर मिश्रा द्वारा की गई।
बैठक का उद्देश्य जनपद में बच्चों से जुड़े अपराधों की रोकथाम, पीड़ित बच्चों की देखरेख एवं संरक्षण तथा बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर विभागीय समन्वय को और अधिक सशक्त बनाना रहा।
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इस दौरान बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत 100 दिवसीय जन-जागरूकता कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा पर चर्चा की गई तथा उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बाल विवाह मुक्त भारत की शपथ भी दिलाई गई। साथ ही कानून का उल्लंघन करने वाले बच्चों, देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बालकों तथा उनके पुनर्वास और संरक्षण से संबंधित बिंदुओं पर गंभीर विमर्श किया गया।

बैठक में बच्चों के विरुद्ध हो रहे अपराधों की रोकथाम के लिए बनाई गई कार्ययोजना की समीक्षा की गई तथा किशोर न्याय अधिनियम (JJ Act) एवं पॉक्सो अधिनियम के तहत पंजीकृत मामलों में पीड़ित बच्चों को समय से बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत करने, पॉक्सो मामलों में प्रारूप (क) एवं प्रारूप (ख) भरने की प्रक्रिया, किशोर न्याय बोर्ड से निर्गत सम्मनों की तामिला एवं बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों/विवेचकों को आ रही व्यावहारिक समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
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इस अवसर पर बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष एवं सदस्य , अभियोजन अधिकारी , जिला बाल संरक्षण इकाई , किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य , चाइल्ड हेल्पलाइन यूनिट , श्रम विभाग , स्वास्थ्य विभाग , वन स्टॉप सेंटर , वनवासी सेवा आश्रम म्योरपुर , थाना एएचटीयू, एसजेपीयू तथा जनपद के समस्त थानों के बाल कल्याण पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।
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बैठक के अंत में क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर मिश्रा ने सभी संबंधित विभागों से बच्चों के अधिकारों की रक्षा और उनके सुरक्षित भविष्य के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बच्चों के प्रति होने वाले अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।






