Obra:धोखाधड़ी के साथ इस्तियाक खान ने क्रेशर यूनियन के मतदाता सूची में दर्ज कराया था नाम
(सोनभद्र)। बिल्ली-मारकुंडी क्षेत्र में गिट्टी-बोल्डर के दस वर्षीय खनन पट्टे से जुड़े विवाद में अब डाला-बिल्ली क्रेशर ओनर्स एसोसिएशन की मतदाता सूची का मुद्दा सामने आ गया है। सुधीर कुमार श्रीवास्तव ने डाला बिल्ली क्रेशर ओनर्स एसोसिएशन को प्रार्थना पत्र देकर इश्तियाक खान का नाम मतदाता सूची से हटाने और पट्टाधारक रिंकी श्रीवास्तव का नाम दर्ज करने की मांग की है।
6:16 PM, Oct 16, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Anil Kumar agrahari

राधिका इंडस्ट्रीज के नाम से जनपद में खनन पट्टा नही है स्वीकृत-खनन अधिकारी
क्रेशर एसोसिएशन की मतदाता सूची से इश्तियाक खान का नाम हटाने की मांग
ओबरा (सोनभद्र)। बिल्ली-मारकुंडी क्षेत्र में गिट्टी-बोल्डर के दस वर्षीय खनन पट्टे से जुड़े विवाद में अब डाला-बिल्ली क्रेशर ओनर्स एसोसिएशन की मतदाता सूची का मुद्दा सामने आ गया है। सुधीर कुमार श्रीवास्तव ने डाला बिल्ली क्रेशर ओनर्स एसोसिएशन को प्रार्थना पत्र देकर इश्तियाक खान का नाम मतदाता सूची से हटाने और पट्टाधारक रिंकी श्रीवास्तव का नाम दर्ज करने की मांग की है।इस मांग का मुख्य आधार जिलाधिकारी कार्यालय के खनिज अनुभाग की आख्या है, जिसमें खनन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जनपद सोनभद्र में मेसर्स राधिका इंडस्ट्रीज के नाम से कोई भी खनन पट्टा स्वीकृत नहीं है। अभिलेखों के अनुसार पट्टा रिंकी श्रीवास्तव के नाम पंजीकृत है। इसी के आधार पर एसोसिएशन के सदस्यता फार्म में दर्ज राधिका इंडस्ट्रीज के नाम पर दी गई सदस्यता को अमान्य बताते हुए इश्तियाक खान का नाम मतदाता सूची से खारिज करने की मांग की गई है। उल्लेखनीय है कि पट्टे के संचालन, कागजी कार्यवाही और वित्तीय लेन-देन में धोखाधड़ी, फर्जी हस्ताक्षर और हेराफेरी के आरोप में थाना ओबरा में मुकदमा अपराध संख्या 153/2025 दर्ज है। मामले में वांछित इश्तियाक खान को पुलिस ने मुंबई से गिरफ्तार किया था। वर्तमान में यह आपराधिक मामला न्यायालय के समक्ष लंबित है और आरोपी जेल में है।एक तरफ जहां आपराधिक मामला न्यायालय के समक्ष लंबित है, वहीं दूसरी तरफ खनिज विभाग के रिकॉर्ड के आधार पर क्रेशर एसोसिएशन की मतदाता सूची से नाम निरस्त करने का मामला पदाधिकारियों के समक्ष विचाराधीन है।वही इस संबंध में क्रेशर यूनियन अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि मेरे निर्वाचित होने से पूर्व में लिए गए सदस्यता की छानबीन जांच नही किये जाने का नतीजा है जो ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है।ऐसे जितने भी फर्जी सदस्यता फार्म भरकर सदस्य बने है जल्द ही गहनता से जांच करके उनकी सदस्यता समाप्त किये जाने की कार्यवाही की जाएगी
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