ओझाई के बहाने महिला से दुष्कर्म, ओझा समेत दो दोषियों को आजीवन कारावास
ओझाई के बहाने महिला से दुष्कर्म, ओझा समेत दो दोषियों को आजीवन कारावास
5:14 PM, Jun 15, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

सोनभद्र। करीब नौ वर्ष पुराने दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी/सीएडब्ल्यू सोनभद्र बिपिन कुमार तृतीय की अदालत ने सोमवार को महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए ओझा जगदेव शर्मा उर्फ जयदेव शर्मा तथा उसके सहयोगी लालू शर्मा उर्फ जनार्दन शर्मा को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने दोनों दोषियों पर एक-एक लाख 500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर प्रत्येक को छह माह की अतिरिक्त कठोर कैद भुगतनी होगी। साथ ही अर्थदंड की आधी राशि पीड़िता को दिए जाने का आदेश दिया गया है। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समाहित होगी।अभियोजन पक्ष के अनुसार वाराणसी जनपद के चौबेपुर थाना क्षेत्र निवासी पीड़िता ने 27 अप्रैल 2017 को रॉबर्ट्सगंज कोतवाली में तहरीर देकर बताया था कि वह विवाहित है तथा दो बच्चों की मां है। कुछ दिनों से बीमार रहने के कारण वह अपने मायके चंदौली जिले आई हुई थी। 26 अप्रैल 2017 को उसका भाई उसे झपरी गांव निवासी ओझा जगदेव शर्मा के पास उपचार एवं ओझाई कराने के लिए ले गया था, जहां लालू शर्मा भी मौजूद था।आरोप है कि ओझा जगदेव शर्मा ने उपचार के नाम पर रात लगभग 11 बजे पीड़िता को सुनसान स्थान पर अकेले ले जाकर उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उसने घटना किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।विवेचना के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने जगदेव शर्मा और लालू शर्मा के विरुद्ध दुष्कर्म, आपराधिक षड्यंत्र तथा धमकी देने की धाराओं में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान नौ गवाहों के बयान, दस्तावेजी साक्ष्य एवं दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषसिद्ध पाया।अदालत ने जगदेव शर्मा और लालू शर्मा को आजीवन कारावास तथा एक-एक लाख 500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता सत्यप्रकाश त्रिपाठी ने प्रभावी पैरवी की।
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