Renukoot News: निशान यात्रा मेंं गूंजा "हारे का सहारा बाबा श्याम हमारा"।
मुर्धवा / यू. गुप्ता / सोन प्रभात
8:28 AM, Jan 3, 2026
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Edited by: Ashish Gupta

मुर्धवा / यू. गुप्ता / सोन प्रभात
रेनुकूट शहर के मुर्धवा श्याम मंदिर के वार्षिकोत्सव के उपलक्ष्य में श्याम महोत्सव को लेकर सोमवार को शहर में खाटू श्याम की भव्य निशान यात्रा निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। मंदिर से निकली इस निशान यात्रा ने पूरे रेनुकूट शहर में भ्रमण की। इस दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं ने निशान यात्रा पर पुष्प वर्षा किया और शामिल लोगों का माल्यार्पण कर स्वागत किया । खाटू वाले श्याम के जयकारे लगाए।

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निशान यात्रा में शामिल डीजे पर लोग नाचते गाते हुए लोग अपने गंतव्य की तरफ चले जा रहे थे। काफी लोग स्टाल लगाकर के सभी श्याम भक्तों का बड़े ही उत्साह पूर्वक स्वागत एवं अभिनंदन किया श्याम बाबा का ध्वज पताका लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। पूरे श्याम मंदिर परिसर को फूल मालाओं, रंगीन झालरों और ध्वजा पताकाओं से आकर्षक रूप से सजाया गया था।

मुर्धवा स्थित श्याम मंदिर से श्री श्याम का जयघोष करते हुए निशान यात्रा अग्रवाल धर्मशाला तक गई और पुनः आज यह यात्रा रेणुकूट मुर्धवा स्थित श्याम बाबा के मंदिर पर आकर के समाप्त हुई। आपको बताते चले कि यह यात्रा खाटू श्याम बाबा जी की ध्वज पताका (निशान यात्रा) पूरे भारत में भक्तों द्वारा बड़े उत्साह और धूमधाम से निकाली जाती है। यह यात्रा बलिदान और विजय के प्रतीक के रूप में, 'श्याम बाबा के जयकारे' के साथ भारत के विभिन्न शहरों जैसे जयपुर, वाराणसी, इलाहाबाद, आगरा, जौनपुर और अन्य जगहों पर भक्ति संगीत और पारंपरिक वेशभूषा के साथ निकाली जाती है, जो बाबा श्याम के प्रति अटूट श्रद्धा को दर्शाती है।
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इस यात्रा में महिला-पुरुष एवम् सभी श्याम भक्त श्रद्धालु शामिल हुए। यह निशान यात्रा खाटू श्याम मंदिर से प्रांरभ होकर मुख्य सड़क मार्ग से होते हुए रेणुकूट बस स्टैंड और नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए पुनः वापस श्याम मंदिर पर समाप्त हुई। इस निशान यात्रा में अबीर, गुलाल उड़ाते श्रद्धालु भक्ति गीत गाते हुए बाबा का जयकारा लगाते रहे। इससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। इस दौरान जगह-जगह पर पुष्प वर्षा करके श्रद्धालुओं ने स्वागत किया भजन कीर्तन और जयकारों से पूरा रेणुकूट नगर गूंज उठा।
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उधर श्याम मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जहां देर रात तक भजन का दौर चलता रहा। यहां श्याम प्रभु का अद्भुत श्रृंगार किया गया था। वही मंदिर में भंडारे की भी व्यवस्था की गई थी जहां भक्त लोग श्याम बाबा के प्रसाद को ग्रहण करके अपने आप को सौभाग्यशाली मान रहे थे।






