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भूमि विवादों के निस्तारण में सोनभद्र बना प्रदेश का मॉडल, डीएम की सख्त मॉनिटरिंग से लंबित मामलों में रिकॉर्ड कमी

भूमि विवादों के निस्तारण में सोनभद्र बना प्रदेश का मॉडल, डीएम की सख्त मॉनिटरिंग से लंबित मामलों में रिकॉर्ड कमी परीक्षण, चकबंदी और हाईकोर्ट के सभी लंबित संदर्भ हुए शून्य, पुनर्जीवित वादों के निस्तारण में भी बड़ी सफलता

8:54 PM, Jul 3, 2026

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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live


भूमि विवादों के निस्तारण में सोनभद्र बना प्रदेश का मॉडल, डीएम की सख्त मॉनिटरिंग से लंबित मामलों में रिकॉर्ड कमी
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सोन प्रभात लाइव न्यूज़ डेस्क


सोनभद्र जनपद ने राजस्व भूमि संबंधी विवादों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में प्रदेश स्तर पर नई मिसाल कायम की है। प्रदेश सरकार द्वारा 1 जून से 30 जून 2026 तक संचालित विशेष राजस्व अभियान के दौरान जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के नेतृत्व, सतत मॉनिटरिंग और समयबद्ध समीक्षा के चलते जनपद ने लंबित मामलों के निस्तारण में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।अभियान के दौरान जिलाधिकारी ने प्रतिदिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी उपजिलाधिकारियों, तहसीलदारों एवं राजस्व अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर प्रत्येक लंबित प्रकरण की प्रगति का आकलन किया। उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के साथ प्रत्येक प्रकरण में जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए, जिसका सकारात्मक परिणाम पूरे अभियान में देखने को मिला।लगातार निगरानी और प्रभावी कार्यशैली के चलते परीक्षण हेतु लंबित सभी संदर्भों का निस्तारण कर दिया गया है और उनकी संख्या शून्य हो गई है। इसी प्रकार चकबंदी न्यायालयों में लंबित सभी मामलों का भी पूर्ण निस्तारण कर दिया गया है। वहीं माननीय उच्च न्यायालय से संबंधित लंबित संदर्भों का प्रभावी पैरवी एवं समन्वय के माध्यम से निस्तारण कर उनकी संख्या भी शून्य पर पहुंच गई है।राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों की संख्या घटकर केवल 120 रह गई है, जबकि सिविल न्यायालयों में लंबित प्रकरण घटकर मात्र 22 रह गए हैं। प्रशासन का कहना है कि यह उपलब्धि नियमित समीक्षा, अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और समयबद्ध कार्रवाई का प्रतिफल है।विशेष अभियान के दौरान पुनर्जीवित किए गए 6,544 वादों में से अधिकांश का निस्तारण किया जा चुका है। वर्तमान में 580 प्रकरण लंबित हैं, जो मुख्य रूप से ओबरा और रॉबर्ट्सगंज तहसीलों से संबंधित हैं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शेष मामलों का भी प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि जनपद में सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही की भावना के साथ राजस्व मामलों का त्वरित निस्तारण प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आमजन से जुड़े भूमि विवादों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित कर शासन की मंशा के अनुरूप प्रभावी राजस्व प्रशासन की व्यवस्था बनाए रखें।राजस्व मामलों के निस्तारण में सोनभद्र की इस उपलब्धि को प्रदेश में सुशासन और प्रभावी प्रशासनिक कार्यशैली का एक उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है।

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