होमवीडियो LIVE
BREAKING
विज्ञापन

सोनभद्र: धान के खेत में किसान को कोबरा ने डसा, झाड़-फूंक में समय गंवाने से हालत गंभीर

धान की क्यारी में काम कर रहे किसान को कोबरा ने डसा, झाड़-फूंक में समय गंवाने से बिगड़ी हालत. म्योरपुर के किरबिल गांव की घटना, एंटी स्नेक वेनम देने के बाद जिला अस्पताल किया गया रेफर.

muirpur

1:39 PM, Aug 6, 2026

Share:

Edited By: Ashish Gupta , Reported By: Prashant Dubey

सोनभद्र: धान के खेत में किसान को कोबरा ने डसा, झाड़-फूंक में समय गंवाने से हालत गंभीर

Photo : Sonprabhat News

हमसे जुड़ने के लिए फॉलो करें:
Instagram
सोन प्रभात लाइव न्यूज़ डेस्क

म्योरपुर (सोनभद्र)। म्योरपुर थाना क्षेत्र के किरबिल गांव में खेत में काम कर रहे एक किसान को विषैले कोबरा ने डस लिया। सर्पदंश के बाद तत्काल अस्पताल जाने के बजाय झाड़-फूंक कराने में समय बीत जाने से उनकी हालत गंभीर हो गई। बाद में परिजन उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) म्योरपुर लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

जानकारी के अनुसार, किरबिल निवासी 55 वर्षीय अनिरुद्ध प्रसाद, पुत्र घूरहू, बुधवार दोपहर करीब तीन बजे अपने धान के खेत में रोपाई की तैयारी के दौरान क्यारी में कार्य कर रहे थे। इसी दौरान घास और पानी के बीच छिपे एक विषैले कोबरा ने उनके हाथ पर काट लिया। अनिरुद्ध प्रसाद गांव के पूर्व प्रधान बच्चेलाल प्रजापति के बड़े भाई बताए जाते हैं।

सर्पदंश के बाद उन्होंने पहले पारंपरिक झाड़-फूंक का सहारा लिया और स्वयं मोटरसाइकिल से वहां पहुंच गए। इस दौरान करीब दो घंटे का महत्वपूर्ण समय निकल गया। धीरे-धीरे शरीर में विष का असर बढ़ने लगा और उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी।

हालत गंभीर होने पर परिजनों ने 108 एंबुलेंस सेवा की सहायता से उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र म्योरपुर पहुंचाया। वहां ड्यूटी पर मौजूद डॉ. पल्लवी सिन्हा ने तत्काल उपचार शुरू करते हुए आवश्यक एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) की खुराक दी।

विज्ञापन

चिकित्सकों के प्रयास के बावजूद मरीज की स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी। बेहतर चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उन्हें आगे के उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

Image

डॉक्टरों की अपील: झाड़-फूंक नहीं, तुरंत अस्पताल पहुंचें

विज्ञापन

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक या घरेलू उपायों में समय न गंवाएं। ऐसे मामलों में मरीज को बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचाना चाहिए। समय पर एंटी स्नेक वेनम (ASV) मिलने से मरीज की जान बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।

ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी के कारण आज भी कई लोग सर्पदंश के बाद पहले झाड़-फूंक का सहारा लेते हैं, जिससे उपचार में देरी होती है और मरीज की जान को गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।

सम्बंधित खबर

शहरी खबरें

और पढ़ें

Breaking से पहले Believing —
Son Prabhat News, since 2019

Follow Us:

Instagram

Download App

Play Store

Subscribe Now

Play StoreSonprabhat Live

© Copyright Sonprabhat 2026. All rights reserved.

Developed by SpriteEra IT Solutions