Sonbhadra News: विक्षिप्त किशोरी को रात में जंगल से ढूंढ कर अस्पताल में कराया भर्ती
चरवाहों की सूचना पर घने जंगल से युवाओं की टीम ने किशोरी को ढूंढा पी आर बी पुलिस और थाने की पुलिस में घंटों होती रही बहस म्योरपुर/सोनभद्र:म्योरपुर थाना के रन टोला जंगल में महिला चरवाहों की सूचना पर ग्राम प्रधान और स्थानीय युवकों तथा महिला चरवाहा ने रात साढ़े दस बजे घने जंगल में भूख प्यास से तड़प रही एक 16 वर्षीय किशोरी को जिला अस्पताल में रात तीन बजे भर्ती कराया है। ग्राम प्रधान दिनेश जायसवाल और महिला चरवाहा तहरूंन निशा के अनुसार शाम बकरी चरा कर घने जंगल से लौट रही दो महिलाओं ने एक किशोरों को झाड़ी के बीच देखा,उसे जंगल से लाने की कोशिश की पर वह चल नहीं पा रही थी। रात नौ बजे चरवाहा महिला का पति घर लौटा तो उसने पति को घटना की जानकारी दी।विजय गुप्ता नामक युवक के जरिए 112 पुलिस के साथ सी ओ दुद्धी प्रभारी निरीक्षक म्योरपुर को जानकारी दी गई।रात होने के कारण किसी ने रुचि नहीं दिखाई तो सामाजिक कार्यकर्ता जगत नारायण विश्वकर्मा, ग्राम प्रधान दिनेश के अगुवाई में डेढ़ दर्जन युवाओं और चरवाहा महिला ने मुख्य सड़क से दो किमी दूर घने जंगल में किशोरी को ढूंढा ।किशोरी भूख प्यास से परेशान बोल नहीं पा रही थी। आश्रम मोड़ पर उसे नाश्ता कराया इसके बाद पी आर बी पुलिस और एक अन्य महिला किशोरी को लेकर थाने गए।लेकिन वहां किशोरी को लेकर 112 और स्थानीय पुलिस में घंटों बहस होती रही। आरोप है कि किशोरी की मदद करने वाले युवक को भी पुलिस की झाड़ सुननी पड़ी ।पुलिस अधीक्षक कार्यालय के हस्तक्षेप के बाद रात दो बजे सीएचसी के रिफर के बाद किशोरी को जिला अस्पताल भर्ती कराया गया है।युवकों का कहना है कि किशोरी विक्षिप्त है तो क्या उसकी जान की कीमत नहीं। पुलिस आखिर क्यों अनदेखी करती रही। ऐसे में तो कोई किसी का मदद नहीं करेगा।मामले को लेकर थाने के बाल सुरक्षा अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि जब किशोरी विक्षिप्त थी तो 112 को फोन नहीं करना चाहिए था।इस तरह बहुत घूमते रहते है कोई घटना दुर्घटना हो तब पुलिस की मदद लेनी चाहिए ।बताया कि किशोरी को जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।आगे की कार्यवाही अधिकारियों के निर्देश पर होगी। किशोरी को ढूंढने में विजय गुप्ता के साथ सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत दुबे,आनंद,विष्णु गुप्ता, सुरेंद्र उर्फ बबलू, राम संजीवन, सुनील ,सौरभ,सुनिल आदि युवा शामिल रहे।
duddhi
4:54 PM, Feb 3, 2026
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Edited by: Ashish Gupta

चरवाहों की सूचना पर घने जंगल से युवाओं की टीम ने किशोरी को ढूंढा पी आर बी पुलिस और थाने की पुलिस में घंटों होती रही बहस म्योरपुर/सोनभद्र:म्योरपुर थाना के रन टोला जंगल में महिला चरवाहों की सूचना पर ग्राम प्रधान और स्थानीय युवकों तथा महिला चरवाहा ने रात साढ़े दस बजे घने जंगल में भूख प्यास से तड़प रही एक 16 वर्षीय किशोरी को जिला अस्पताल में रात तीन बजे भर्ती कराया है। ग्राम प्रधान दिनेश जायसवाल और महिला चरवाहा तहरूंन निशा के अनुसार शाम बकरी चरा कर घने जंगल से लौट रही दो महिलाओं ने एक किशोरों को झाड़ी के बीच देखा,उसे जंगल से लाने की कोशिश की पर वह चल नहीं पा रही थी। रात नौ बजे चरवाहा महिला का पति घर लौटा तो उसने पति को घटना की जानकारी दी।विजय गुप्ता नामक युवक के जरिए 112 पुलिस के साथ सी ओ दुद्धी प्रभारी निरीक्षक म्योरपुर को जानकारी दी गई।रात होने के कारण किसी ने रुचि नहीं दिखाई तो सामाजिक कार्यकर्ता जगत नारायण विश्वकर्मा, ग्राम प्रधान दिनेश के अगुवाई में डेढ़ दर्जन युवाओं और चरवाहा महिला ने मुख्य सड़क से दो किमी दूर घने जंगल में किशोरी को ढूंढा ।किशोरी भूख प्यास से परेशान बोल नहीं पा रही थी। आश्रम मोड़ पर उसे नाश्ता कराया इसके बाद पी आर बी पुलिस और एक अन्य महिला किशोरी को लेकर थाने गए।लेकिन वहां किशोरी को लेकर 112 और स्थानीय पुलिस में घंटों बहस होती रही। आरोप है कि किशोरी की मदद करने वाले युवक को भी पुलिस की झाड़ सुननी पड़ी ।पुलिस अधीक्षक कार्यालय के हस्तक्षेप के बाद रात दो बजे सीएचसी के रिफर के बाद किशोरी को जिला अस्पताल भर्ती कराया गया है।युवकों का कहना है कि किशोरी विक्षिप्त है तो क्या उसकी जान की कीमत नहीं। पुलिस आखिर क्यों अनदेखी करती रही। ऐसे में तो कोई किसी का मदद नहीं करेगा।मामले को लेकर थाने के बाल सुरक्षा अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि जब किशोरी विक्षिप्त थी तो 112 को फोन नहीं करना चाहिए था।इस तरह बहुत घूमते रहते है कोई घटना दुर्घटना हो तब पुलिस की मदद लेनी चाहिए ।बताया कि किशोरी को जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।आगे की कार्यवाही अधिकारियों के निर्देश पर होगी। किशोरी को ढूंढने में विजय गुप्ता के साथ सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत दुबे,आनंद,विष्णु गुप्ता, सुरेंद्र उर्फ बबलू, राम संजीवन, सुनील ,सौरभ,सुनिल आदि युवा शामिल रहे।
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