Sonbhadra News : भीषण गर्मी में बिजली संकट गहराया, मांग 27,272 मेगावाट के पार
उत्तर प्रदेश में बढ़ता लोड, सोनभद्र में भी हालात चुनौतीपूर्ण
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2:19 PM, Apr 24, 2026
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Edited by: Sonprabhat News Desk
, Reported By: Ashish Gupta

Image : Sonprabhat News Ai Generated
उत्तर प्रदेश में बढ़ता लोड, सोनभद्र में भी हालात चुनौतीपूर्ण
उत्तर प्रदेश में अप्रैल के महीने में ही गर्मी ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है, जिसका सीधा असर बिजली खपत पर पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि प्रदेश की अधिकतम बिजली मांग 27,272 मेगावाट तक पहुंच गई है, जो इस समय के लिए असामान्य रूप से अधिक मानी जा रही है। अचानक बढ़े इस लोड ने बिजली व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव डाल दिया है।
हरदुआगंज परियोजना में फॉल्ट से बिगड़ी सप्लाई
बढ़ती मांग के बीच हालात तब और बिगड़ गए जब हरदुआगंज तापीय विद्युत परियोजना में तकनीकी खराबी आ गई। इस फॉल्ट के कारण एक साथ तीन उत्पादन इकाइयां बंद हो गईं, जिससे प्रदेश के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। स्थिति को संभालने के लिए तत्काल तकनीकी टीमों को लगाया गया और पूरी रात मरम्मत का काम चला। आखिरकार बुधवार सुबह तीनों इकाइयों को क्रमशः चालू कर दिया गया, जिसके बाद आपूर्ति धीरे-धीरे सामान्य होने लगी।
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तापमान बढ़ा तो खपत भी आसमान पर
लगातार बढ़ते तापमान के चलते घरों, दफ्तरों और बाजारों में कूलर, पंखे और एसी का उपयोग तेजी से बढ़ा है। यही कारण है कि बिजली की मांग में अचानक उछाल देखने को मिल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि गर्मी का यही ट्रेंड जारी रहा, तो आने वाले दिनों में मांग और बढ़ सकती है, जिससे बिजली प्रबंधन के सामने नई चुनौतियां खड़ी होंगी।
सोनभद्र में भी बिजली संकट और कटौती से लोग परेशान
प्रदेश की ऊर्जा राजधानी कहे जाने वाले सोनभद्र में भी स्थिति संतोषजनक नहीं है। यहां ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में अनियमित बिजली कटौती लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। कई इलाकों में लो-वोल्टेज और बार-बार ट्रिपिंग की समस्या सामने आ रही है, जिससे दैनिक जीवन और छोटे कारोबार प्रभावित हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उत्पादन क्षेत्र होने के बावजूद उन्हें निर्बाध बिजली नहीं मिल पा रही है।
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स्मार्ट मीटर को लेकर बढ़ा असंतोष
बिजली संकट के बीच स्मार्ट मीटर को लेकर भी उपभोक्ताओं में नाराजगी देखने को मिल रही है। कई जगहों पर लोगों ने आरोप लगाया है कि स्मार्ट मीटर तेजी से रीडिंग बढ़ा रहे हैं, जिससे बिजली बिल अपेक्षा से अधिक आ रहा है। इसके चलते उपभोक्ताओं में असंतोष बढ़ रहा है और वे पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।
बिजली प्रबंधन के सामने बड़ी चुनौती
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बढ़ती मांग, तकनीकी खामियां और उपभोक्ताओं की शिकायतें—इन सबके बीच बिजली विभाग के लिए संतुलन बनाए रखना आसान नहीं है। एक ओर उत्पादन इकाइयों को सुचारु रूप से चलाना जरूरी है, वहीं दूसरी ओर उपभोक्ताओं को निर्बाध और सही बिलिंग के साथ बिजली उपलब्ध कराना भी बड़ी जिम्मेदारी है।
गर्मी बढ़ेगी, चुनौती भी बढ़ेगी
अप्रैल में ही बिजली की मांग का 27 हजार मेगावाट पार करना साफ संकेत है कि इस साल गर्मी का असर ज्यादा गंभीर हो सकता है। ऐसे में यदि समय रहते उत्पादन और वितरण व्यवस्था को मजबूत नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में बिजली संकट और गहरा सकता है। फिलहाल लोगों को राहत तो मिली है, लेकिन चिंता अभी खत्म नहीं हुई है।






