सोनभद्र: बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे अधिकारी-कर्मचारी, डीएम चर्चित गौड़ ने जारी किए निर्देश
सोनभद्र। आगामी निर्वाचन कार्यों और त्योहारों के मद्देनजर जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी चर्चित गौड़ ने जनपद के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ने का निर्देश दिया है
4:56 PM, Oct 18, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

विधान परिषद निर्वाचन और ईवीएम-वीवीपैट की एफएलसी को लेकर प्रशासन अलर्ट, आदेशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देशसोनभद्र। आगामी निर्वाचन कार्यों और त्योहारों के मद्देनजर जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी चर्चित गौड़ ने जनपद के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि निर्वाचन संबंधी महत्वपूर्ण कार्यों को समयबद्ध एवं सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए सभी संबंधित अधिकारी-कर्मचारी मुख्यालय पर अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे। इस आदेश का कड़ाई से अनुपालन करने के निर्देश दिए गए हैं।जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देशानुसार उत्तर प्रदेश विधान परिषद द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 के अंतर्गत वाराणसी खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए निर्वाचन कार्यक्रम जारी किया गया है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 23 अक्टूबर 2026 को मतदान होना है। इसके दृष्टिगत निर्वाचन से जुड़ी तैयारियों को गंभीरता से लिया जा रहा है।वहीं, भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 में इस्तेमाल होने वाली ईवीएम एवं वीवीपैट मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) का कार्य भी तेजी से चल रहा है। इसके साथ ही अन्य निर्वाचन संबंधी तैयारियों को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है।जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि वर्तमान समय में धार्मिक त्योहारों का आयोजन भी हो रहा है। ऐसे में प्रशासनिक जिम्मेदारियों, निर्वाचन तैयारियों और कानून-व्यवस्था से जुड़े कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करना आवश्यक है। इसी को ध्यान में रखते हुए जनपद के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है कि वे सक्षम अनुमति प्राप्त किए बिना मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे।उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि निर्वाचन संबंधी कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
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