Sonbhadra:290.50 करोड़ रुपये से मजबूत होगा सड़क नेटवर्क, औद्योगिक विकास को मिलेगी रफ्तार
सोनभद्र। जिले में औद्योगिक विकास को गति देने और आवागमन की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सड़क नेटवर्क के विस्तार की योजना तैयार की गई है। योगी सरकार की औद्योगिक लॉजिस्टिक योजना के तहत जिले में 13 सड़कों के निर्माण के लिए कुल 290.50 करोड़ रुपये के प्रस्ताव शासन को भेजे गए हैं
8:20 PM, Oct 10, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

औद्योगिक लॉजिस्टिक योजना के तहत 13 सड़कों के निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा गयाचुर्क सीमेंट फैक्ट्री तक भारी वाहनों की आवाजाही होगी आसान, कई क्षेत्रों की कनेक्टिविटी में होगा सुधारचार सड़क परियोजनाओं को वित्तीय स्वीकृति, एक अन्य प्रस्ताव स्वीकृति की प्रक्रिया मेंसोनभद्र। जिले में औद्योगिक विकास को गति देने और आवागमन की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सड़क नेटवर्क के विस्तार की योजना तैयार की गई है। योगी सरकार की औद्योगिक लॉजिस्टिक योजना के तहत जिले में 13 सड़कों के निर्माण के लिए कुल 290.50 करोड़ रुपये के प्रस्ताव शासन को भेजे गए हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य औद्योगिक इकाइयों तक बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराने, माल परिवहन को सुगम बनाने और स्थानीय लोगों की आवाजाही को सुविधाजनक बनाना है।जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के अनुसार, औद्योगिक जरूरतों और स्थानीय आवागमन को ध्यान में रखते हुए विभिन्न क्षेत्रों में सड़क निर्माण के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। प्रस्तावित परियोजनाओं में चुर्क सीमेंट फैक्ट्री तक पहुंच मार्ग, औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ने वाली सड़कें और ग्रामीण इलाकों की कनेक्टिविटी बेहतर करने वाले मार्ग शामिल हैं। हालांकि, इन प्रस्तावों पर निर्माण कार्य शुरू होने की समय-सीमा शासन से स्वीकृति और बजट आवंटन के बाद निर्धारित होगी।चुर्क में दो फोरलेन लिंक रोड बनाने की योजनाऔद्योगिक परिवहन को बेहतर बनाने के लिए चुर्क क्षेत्र में दो महत्वपूर्ण फोरलेन लिंक रोड प्रस्तावित हैं। 4.9 किलोमीटर लंबी चुर्क सीमेंट फैक्ट्री लिंक रोड के निर्माण के लिए 49.95 करोड़ रुपये और 4.84 किलोमीटर लंबी चुर्क-भिलाई बंधी रोड के लिए 49.85 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है।इन सड़कों के निर्माण से चुर्क सीमेंट फैक्ट्री तक भारी वाहनों की आवाजाही आसान होने की उम्मीद है। इससे माल की ढुलाई में आने वाली परेशानियां कम करने और औद्योगिक परिवहन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिल सकती है। साथ ही, आसपास के क्षेत्रों के लोगों को भी आवागमन में राहत मिलने की संभावना है।किरहुलिया से महुली विहार बॉर्डर तक बनेगी 12 किलोमीटर सड़कप्रस्तावित परियोजनाओं में किरहुलिया से महुली विहार बॉर्डर तक 12 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण के लिए 47.76 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शामिल है। चेरुई से मारकुंडी जूनियर हाईस्कूल तक 6.4 किलोमीटर सड़क के लिए 24.32 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।इसी तरह, खड़िया से वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग तक आठ किलोमीटर सड़क के निर्माण के लिए 23 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। इन मार्गों के विकसित होने से संबंधित क्षेत्रों में सड़क संपर्क बेहतर होने और परिवहन सुविधाओं में सुधार की उम्मीद है।पटवध-बसुहारी मार्ग पर खर्च होंगे 58.88 करोड़ रुपयेजिले की प्रमुख प्रस्तावित परियोजनाओं में 31 किलोमीटर लंबा पटवध-बसुहारी मार्ग भी शामिल है। इसके निर्माण के लिए 58.88 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इसके अलावा बर्दिया लिंक रोड के लिए 12 करोड़ रुपये और बिल्ली मारकुंडी स्थित तेज स्टोन क्रेशर प्लांट से विजय आईटीआई तक सड़क निर्माण के लिए चार करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।मीना बाजार घुरमा फीडर से मारकुंडी के कुनियांव टोला तक 7.5 किलोमीटर सड़क के निर्माण पर 15.99 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इन परियोजनाओं के माध्यम से औद्योगिक गतिविधियों से जुड़े क्षेत्रों के साथ स्थानीय आबादी को भी बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है।डाला, नधिरा और ओबरा क्षेत्र भी योजना में शामिलसड़क संपर्क के विस्तार के लिए डाला क्षेत्र में एक किलोमीटर सड़क के निर्माण हेतु दो करोड़ रुपये का प्रस्ताव है। वहीं, बग्गा नाला से डिग्री कॉलेज रोड तक लगभग 3.5 किलोमीटर सड़क के लिए 80 लाख रुपये प्रस्तावित किए गए हैं।इसके अतिरिक्त नधिरा से बखिरवा तक 10 किलोमीटर सड़क के निर्माण के लिए 1.60 करोड़ रुपये और ओबरा में एक अन्य सड़क के निर्माण के लिए 35 लाख रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।चार प्रस्तावों को वित्तीय स्वीकृति, एक पर निर्णय बाकीजिलाधिकारी ने बताया कि पूर्व में भेजे गए सड़क निर्माण के चार प्रस्तावों को शासन से वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है, जबकि एक अन्य प्रस्ताव स्वीकृति की प्रक्रिया में है। वित्तीय स्वीकृति प्राप्त परियोजनाओं का निर्माण जल्द शुरू कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।प्रस्तावित सड़क परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से सोनभद्र में औद्योगिक इकाइयों तक पहुंच बेहतर होने, भारी वाहनों की आवाजाही सुगम बनने और स्थानीय क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है। इससे माल परिवहन की दक्षता बढ़ाने के साथ जिले की आर्थिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिल सकता है।हालांकि, सभी 13 प्रस्तावित सड़कों के निर्माण की अंतिम स्थिति, स्वीकृत बजट और कार्य शुरू होने की तिथियों की पुष्टि शासन के अद्यतन आदेशों के आधार पर की जानी बाकी है।
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