सोनभद्र - सुअरसोत पुलिस चौकी पर पशु तस्करी के समाचार संकलन के दौरान सिपाही द्वारा पत्रकार से दुर्व्यवहार का पुलिस अधीक्षक संज्ञान लें।
सोनभद्र- सोनप्रभात
sonbhadra
11:15 AM, Jun 26, 2021
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Edited by: Ashish Gupta

सोनभद्र- सोनप्रभात
आशीष गुप्ता/ जितेन्द्र चन्द्रवंशी
- - सोनप्रभात संवाददाता वेदव्यास सिंह मौर्य निवासी पनिकप खुर्द, थाना रायपुर के साथ सुअरसोत चौकी में तैनात सिपाही हिमांशु द्वारा किया गया दुर्व्यवहार।
- -समाचार संकलन के दौरान कईबार ऐसे दुर्व्यवहार के मामले सामने आए हैं, "लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ पत्रकारों के साथ ऐसे व्यवहार तो आम जनता के साथ क्या होता होगा ?"दुर्भाग्यपूर्ण।
- समाचार संकलन के दौरान दुर्व्यवहार पर स्वतंत्र पत्रकार समिति अध्यक्ष ने की कार्रवाई की मांग।
- घटना 24 जून 2021 की, सूअरसोत पुलिस चौकी पर 2 पिकअप पशु सहित तस्करों का समाचार संकलन को पहुंचे थे पत्रकार।
सोनभद्र जनपद अंतर्गत पनिकपखुर्द थाना रायपुर जिला सोनभद्र निवासी सोन प्रभात न्यूज़ संवाददाता वेदव्यास सिंह मौर्य एवं जितेंद्र कुमार तिवारी के द्वारा 2 पिकअप पशु सहित तस्करी के दो आरोपियों के पकड़े जाने की सूचना मिलने पर समाचार संकलन करने गए संवाददाताओं से हिमांशु नामक सिपाही द्वारा धक्का देकर बाहर निकाले जाने को लेकर सोनप्रभात न्यूज सम्पादक आशीष गुप्ता व स्वतंत्र पत्रकार समिति अध्यक्ष / संपादक मंडल सदस्य सोन प्रभात न्यूज़ जितेंद्र चन्द्रवंशी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए पुलिस अधीक्षक सोनभद्र से त्वरित कार्रवाई कर कृत कार्रवाई से अवगत कराए जाने की मांग की है। [caption id="attachment_22653" align="aligncenter" width="300"]

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संवाददाता वेदव्यास सिंह मौर्य - फाइल फोटो[/caption]
- क्या हुआ था मामला?
सोनभद्र जनपद के सुअरसोत पुलिस चौकी पर बीते 24 जून को पशु तस्करी के दो पिकअप वाहन पकड़े गए थे, जिसके खबर संकलन हेतु वेदव्यास सिंह मौर्य और जितेंद्र तिवारी गए हुए थे , इस दौरान चौकी पर तैनात '
सिपाही हिमांशु
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' द्वारा दुर्व्यवहार करके बाहर निकाल दिया गया था, हैरत की बात है कि इस दौरान चौकी प्रभारी भी मूकदर्शक बने रहे।
- "संवाददाता द्वारा जब बताया गया कि मैं पत्रकार हूं तो उक्त पुलिसकर्मी ने कहा- "पत्रकार माने क्या होता है ?"
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- खाकी को बदनाम करने वाले क्या लोगों को बताना होगा कि पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है।"
- घटनाओं का संकलन पत्रकार ना करें तो क्या लोकतंत्र के तीन स्तंभ से संवैधानिक ताना-बाना की परिकल्पना की जा सकती है?
- जनता की आवाज हैं पत्रकार, पुलिस व नेता को सुर्खियों पर, सिर पर बैठाता है पत्रकार।
- न्याय का सुगम मार्ग है पत्रकार।
- बिजली, पानी, सड़क, अधिकार और कर्तव्यों का बोध कराता है पत्रकार।
- चंद पैसों की खातिर शर्मसार करने वाले लोग पूछते हैं कि क्या है पत्रकार?

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इस मामले को गंभीरता पूर्वक जिलाधिकारी पुलिस अधीक्षक सोनभद्र एवं उच्च अधिकारियों को भी पीड़ित संवाददाता द्वारा अवगत कराया गया है, तत्काल ऐसे मनबढ़ के खिलाफ अविलंब कार्रवाई किए जाने की मांग संवाददाताओं द्वारा की गई है।

इस घटना से पत्रकार मर्माहत है और ऐसे कृत्य के लिए उच्चाधिकारियों से कार्यवाही की मांग की है, ऐसे घटना अब अनेको जगह पर देखने को मिल रहे है, जिससे पत्रकारों के कार्य मे बाधा उत्पन्न हो रहा है। पुलिस अधीक्षक उक्त घटना को संज्ञान ले और उचित कार्यवाही निर्देशित करें। [caption id="attachment_22666" align="aligncenter" width="461"]

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घटना के सम्बंध लिखा गया शिकायत पत्र।[/caption]
- उक्त मामले पर सोनप्रभात सम्पादक सदस्य सुरेश गुप्त "ग्वालियरी" कहते हैं -
"इस आपदा काल में भी पत्रकारों ने अपनी जान जोखिम में डालकर प्रशासन का हर तरह से सहयोग किया, है सुदूर गांवों तक जाकर ग्रामीणों की समस्याओं से शासन व प्रशासन को अवगत कराया है , आज सिपाही द्वारा एक वरिष्ठ पत्रकार को अपमानित करना तथा चौकी प्रभारी द्वारा मूक दर्शक बने रहना हम सभी पत्रकारों का अपमान है, सोन प्रभात न्यूज इस कृत्य की घोर भर्त्सना करते हुए संबंधित सिपाही पर सख्त कार्यवाही की मांग करता है।"






